श्रावस्ती। कलेक्ट्रेट सभागार में गुरुवार को संभावित बाढ़ से बचाव संबंधित तैयारियों की समीक्षा के लिए डीएम ने अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने विभागों द्वारा की गई तैयारी की समीक्षा भी किया। साथ ही अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश भी दिया।
समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ओपी आर्य ने कहा कि पूर्व के वर्षों में जिले में कई बार बाढ़ आ चुकी है। पूर्व में आई बाढ़ के अनुभव के आधार पर संभावित बाढ़ में बचाव के लिए अभी से सभी तैयारियां पूरी कर लें।
साथ ही बाढ़ पीड़ितों के राहत एवं बचाव कार्य के लिए संबंधित विभाग कार्ययोजना बनाकर तत्काल प्रस्तुत करें। जिससे उसका अध्ययन करके सभी व्यवस्थाएं पहले से ही पूरी की जा सकें। जिससे बाढ़ के दौरान तत्काल राहत एवं बचाव कार्य कर लोगों को सुरक्षित किया जा सके।
उन्होंने अधिशाषी अभियंता लघु सिंचाई को निर्देश दिया कि वह सवेंदनशील तथा अति सवेंदनशील तटबंधों को चिह्नित कर उनके सुदृढ़ीकरण, बाढ़ से बचाव के लिए बोल्डर्स, जीओ वैग्स व अन्य सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करें।
तटबंधों व बंधों के कटान तथा दरार आदि को रोकने की व्यवस्था पहले से ही पूरा कर लें। अधिशाषी अभियंता लोक निर्माण विभाग को सवेंदनशील क्षेत्रों व तटबंधों तक पहुंचने तथा सामग्री आपूर्ति के वैकल्पिक मार्गों को चिह्नित कर लें।
साथ ही मार्ग के दरार, गड्ढों, पानी निकास की व्यवस्था, किनारों की मरम्मत, पत्थर से भराव का कार्य, पुल, रेलिंग, अप्रोच व तटों की अस्थायी मरम्मत, राहत केंद्र से आपदा क्षेत्र के मध्य संपर्क मार्ग की मरम्मत व पुर्नस्थापना व्यवस्था पहले से पूरा करने का निर्देश दिया।
खाद्य एवं रसद विभाग, पंचायती राज, ग्राम्य विकास विभाग, पुलिस विभाग, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, कृषि एवं उद्यान विभाग, पशुधन विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों द्वारा की गई तैयारियों की समीक्षा भी समीक्षा किया। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अवनीश राय, अपर जिलाधिकारी योगानंद पांडे, एसडीएम भिनगा चंद्रमोहन गर्ग, सहायक महानिरीक्षक पीएन सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।