श्रावस्ती। नाबालिग के साथ छेड़छाड़ व दुष्कर्म के प्रयास के एक मामले में अपर सत्र न्यायाधीश पॉक्सो सुदामा प्रसाद की कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार माना है। बुधवार को कोर्ट ने इस मामले में दोषी को पांच वर्ष के सश्रम कारावास के साथ ही पांच हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न चुकाने पर दोषी को एक माह अतिरिक्त जेल भुगतना होगी।
अभियोजन पक्ष ने बताया कि इकौना थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी नौ वर्षीय बालिका के साथ एक व्यक्ति ने चार साल पूर्व छेड़छाड़ कर दुष्कर्म का प्रयास किया था। इस मामले में पीड़िता की मां ने रिज्जू उर्फ रिजवान के खिलाफ केस दर्ज कराया था। बुधवार को कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई पूरी करते हुए साक्ष्य व गवाहों के आधार पर आरोपी को दोष सिद्ध मानते हुए सश्रम कारावास व पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
दुष्कर्म के आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज
बहराइच। दुष्कर्म के दो आरोपियों की जमानत अर्जी सुनवाई के बाद विशेष न्यायाधीश एससी एसटी एक्ट इंद्र प्रकाश ने खारिज कर दी। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता राकेश कुमार ने बताया कि थाना कैसरगंज में सोनू निषाद व नीरज निषाद के खिलाफ एससी एसटी एक्ट व दुष्कर्म का केस दर्ज किया गया था। इसमें दोनों आरोपियों ने अपने को निर्दोष बताते हुए न्यायालय में जमानत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था। सुनवाई के बाद बुधवार को कोर्ट ने जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया।