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Shravasti News: पिता ने छोड़ा परिवार, बेटी बन गई खेवनहार

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कोमल
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श्रावस्ती/इकौना। कहते हैं कि अगर नारी कुछ ठान ले तो कुछ भी नामुमकिन नहीं है। इस बात को इकौना की रहने वाली कोमल जायसवाल ने सच साबित करके दिखाया है। बचपन में ही पिता ने परिवार का साथ छोड़ दिया तो कोमल अपनी मां व छोटी बहनों का सहारा बन गईं। कड़ी मेहनत व लगन से सौंदर्य प्रसाधन का कारोबार स्थापित कर परिवार के लिए खेवनहार बन गईं। अब वह बहनों की पढ़ाई का खर्च उठाने के साथ ही बीमार मां का इलाज भी करा रही हैं।

कोमल जायसवाल का बचपन सामान्य नहीं रहा। बचपन में ही माता-पिता में अलगाव के बाद, परिवार पर आई आर्थिक तंगी और भावनात्मक बोझ ने उन्हें कम उम्र में ही परिपक्व बना दिया। ऐसे कठिन समय में उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और परिवार को सहारा देने का बीड़ा उठाया। छोटे-मोटे कामों से मां की आर्थिक मदद करने के साथ-साथ उन्होंने जगत जीत कॉलेज से इंटरमीडिएट और ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की। साथ ही बलरामपुर के वीनस ब्यूटी पार्लर से मेकअप का कोर्स किया और सौंदर्य प्रसाधन के उद्योग में मजबूत कदम रखा।
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अपने हुनर और कड़ी मेहनत के दम पर कोमल ने अक्टूबर 2012 में इकौना मेकअप स्टूडियो की शुरुआत की। साथ ही मुंबई में अंतरराष्ट्रीय मेकअप आर्टिस्ट अर्चना ठक्कर और अनुराग मेकअप मंत्रा से प्रोफेशनल कोर्स किया। कोमल यहीं नहीं रुकीं और दिल्ली में प्रसिद्ध मेकअप आर्टिस्ट मीनाक्षी दत्त से एडवांस मेकअप ट्रेनिंग भी हासिल की। इन प्रशिक्षणों ने उन्हें मेकअप के बेसिक से लेकर एडवांस तक की गहरी समझ प्रदान की, जिससे वे अपने क्षेत्र में विशेषज्ञ बन गईं।
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युवतियों के लिए बनीं प्रेरणास्रोत

आज, कोमल जायसवाल सिर्फ एक सफल मेकअप आर्टिस्ट ही नहीं हैं, बल्कि अपने परिवार का सहारा भी हैं। कोमल बहनों की पढ़ाई का खर्च उठाकर जहां पिता की भूमिका निभा रही हैं तो मां की जरूरतों के साथ बड़े बेटे की भूमिका में हैं। कोमल आज लाखों रुपये महीने कमा रही हैं और क्षेत्र की अन्य महिलाओं के लिए मिसाल बनी हुई हैं।
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