श्रावस्ती/तुलसीपुर। तराई में सोमवार व मंगलवार को हुई तेज बारिश के बाद खाद की मांग बढ़ गई है। सहकारी समितियों पर खाद के लिए सुबह से लंबी कतारें लग रही हैं। किसानों को उनकी जरूरत के समय खाद नहीं मिल पा रही है, जिससे उन्हें निजी दुकानों पर अधिक पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं।
डीएपी व यूरिया दोनों गायब
गिरंट बाजार प्रतिनिधि के अनुसार न्याय पंचायत हरदत्तनगर गिरंट की सात ग्राम पंचायतों देवरनिया, नेवादा, जमादान, रामपुर बस्ती, बभनपुरवा, डांडेकुईयां, पटपरगंज के हजारों किसानों को खाद आपूर्ति की जिम्मेदारी बहु उद्देश्यीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति पर है। बावजूद इसके मंगलवार को समिति पर डीएपी व यूरिया दोनों नदारद रहा। क्षेत्रीय किसान खाद के लिए समिति का चक्कर काटते नजर आए। सचिव आनंद प्रताप सिंह ने बताया कि 300 बोरी एनपीके व सागरिका का वितरण हो रहा है। उन्होंने डीएपी व यूरिया की मांग की है, क्योंकि किसानों की संख्या के अनुरूप खाद नहीं मिल रही।
डीएपी के लिए दिन भर भटके किसान
बी पैक्स नासिरगंज में यूरिया का वितरण हुआ, पर डीएपी उपलब्ध नहीं थी। सचिव यज्ञराम पाठक ने बताया कि 100 बोरी डीएपी वितरित हो चुकी है। उन्होंने 180 बोरी डीएपी व 180 बोरी एनपीके की मांग की है, जो बुधवार को आने की उम्मीद है। 500 बोरी यूरिया आई है, जिसका वितरण किया जा रहा है।
14 जून से नहीं आई डीएपी
साधन सहकारी समिति गौसपुर में भी डीएपी नहीं मिली, जबकि यूरिया का वितरण हो रहा था। सचिव शिवपूजन यादव ने बताया कि 500 यूरिया वितरित हुई, जिसमें से 90 बोरी बची है। समिति पर 14 जून से डीएपी नहीं आई है, जिसकी मांग विभाग से की गई है। एनपीके का वितरण पहले ही किया जा चुका है।
समिति पर लटकता मिला ताला
गिलौला विकासखंड की ग्राम पंचायत चंदरखा बुजुर्ग स्थित बहुउद्देश्यीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति पर मंगलवार को ताला लगा मिला। समिति बंद देखकर किसान शोभित, हर्षित, विष्णु आर्य और रहमान मायूस होकर लौटते दिखे। किसानों ने बताया कि वे कई बार समिति का चक्कर लगा चुके हैं, पर खाद नहीं मिल पाई। उन्होंने बुधवार को फिर से प्रयास करने की बात कही।
समिति
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