श्रावस्ती/वीरपुर। तराई क्षेत्र में सोमवार और मंगलवार को हुई लगातार बारिश ने विकास और जलनिकासी व्यवस्था की पोल खोल दी है। ग्रामीण क्षेत्रों के मुख्य मार्गों पर भीषण जलभराव और कीचड़ से लोगों को भारी परेशानी हो रही है। इसके चलते राहगीर गिरकर चोटिल हो रहे हैं और आवागमन मुहाल हो गया है।
जलभराव से चोटिल हो रहे राहगीर
जमुनहा विकासखंड की ग्राम पंचायत खलीफतपुर से नासिरगंज होते हुए दिकौली जाने वाला मार्ग बदहाल है। हल्की बारिश में भी यह मार्ग जलभराव की चपेट में आ जाता है। ग्रामीण जगदीश प्रसाद, जयदीप और मुकेश ने बताया कि नाली का निर्माण नहीं हुआ है। बारिश के बाद जलनिकासी की समस्या के चलते भीषण जलभराव होता है। कीचड़ के चलते राहगीर गिरकर चोटिल भी हो रहे हैं।
कीचड़ की चपेट में गिलौला से भिनगा जाने वाला मार्ग
गिलौला कस्बे से सुबिखा गांव होते हुए भिनगा जाने वाला मार्ग भी कीचड़ से भरा है। सिसवारा घाट का पुल बनने के बाद यह मार्ग भिनगा जाने का मुख्य रास्ता है। 2024-25 में लाखों रुपये खर्च कर 800 मीटर लंबा नाला बनाया गया था। परंतु नाले की ऊंचाई सड़क से अधिक होने के कारण वह निष्प्रयोज्य साबित हो रहा है।
थाने के सामने भीषण जलभराव
जमुनहा विकासखंड के खलीफतपुर से दिकौली मार्ग पर भीषण जलभराव है। नाली निर्माण न होने से जलनिकासी की गंभीर समस्या बनी हुई है। कीचड़ के कारण राहगीर अक्सर गिरकर चोटिल हो जाते हैं। ग्रामीणों ने इस समस्या के समाधान की मांग की है। यही नहीं हरदत्तनगर गिरंट रेंज कार्यालय, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, कॉपरेटिव सोसाइटी जाने वाला मार्ग भी कीचड़ व गंदगी की चपेट में है। जिसके चलते प्रतिदिन हजारों लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मार्ग पर भरा पानी
मार्ग पर भरा पानी