श्रावस्ती। जिले में किसान संगठनों व राजनीतिक दलों की ओर से मंगलवार को घोषित भारत बंद का मिला जुला असर देखने को मिला। एक तरफ जहां किसान संगठनों ने फोरलेन व इकौना में मार्ग जाम कर प्रदर्शन किया गया। वहीं दूसरी तरफ राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को प्रशासन ने उनके घर व कार्यालय में नजर बंद कर लिया।
इस दौरान प्रतिनिधियों ने प्रदेश सरकार की बर्खास्तगी की मांग को लेकर राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन अधिकारियों को भी सौंपा। मार्ग पर आवागमन बाधित होने के कारण लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ा। वहीं सरकारी कार्यालय, विद्यालय व बाजार सामान्य दिनों की भांति खुले रहे। प्रशासन की ओर से इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। स्वयं डीएम, एसपी सहित अन्य अधिकारी सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते दिखे।
कृषि कानून को लेकर सरकार व किसान संगठन आमने सामने है। किसानों की ओर से मंगलवार को भारत बंद का आह्वान किया गया था। जिसे विपक्षी पार्टियों का समर्थन भी मिला हुआ है। ऐसे में मंगलवार को भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने फोरलेन स्थित भकला पुल पर ट्रैक्टर व ट्रॉलियां खड़ी कर आवागमन बाधित कर दिया ।
इस दौरान कार्यकर्ताओं ने फोरलेन पर ही प्रदर्शन भी किया। इसके चलते लोगों को आवागमन में दुश्वारी झेलनी पड़ी। वहीं बाद में मौके पर पहुंचे पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने मार्ग पर आवागमन बहाल कराया। वहीं इकौना में भाकियू कार्यकर्ताओं ने संजय पार्क से भिनगा जाने वाले मार्ग को जाम कर प्रदर्शन किया।
जहां मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने लोगों को समझाबुझा कर आवागमन बहाल कराया। किसान संगठनों व राजनीतिक दलों के के आह्वान के बावजूद भिनगा व इकौना नगर सहित जिले के अन्य क्षेत्रों में सामान्य दिनों की भांति सरकारी कार्यालय, विद्यालय व बाजार खुली रहीं। उधर एक तरफ जहां विभिन्न विपक्षी राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों को उनके घरों व कार्यालयों में नजर बंद कर दिया गया। वहीं पदाधिकारियों ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन मौके पर मौजूद पुलिस कर्मियों को सौंपा।।
कांग्रेस ने की प्रदेश सरकार को बर्खास्त करने की मांग
जिला कांग्रेस कमेटी के जिला महासचिव अमन पांडेय को पुलिस ने उनके पैतृक गांव बनकटवा कला में ही नजर बंद कर दिया था। जहां उन्होंने प्रदेश सरकार की बर्खास्तगी की मांग को लेकर राज्यपाल को संबोधित सात सूत्री ज्ञापन मौके पर मौजूद पुलिस कर्मियों को सौंपा।
ज्ञापन में किसान विरोधी कानून वापस लेने, एमएसपी को कानूनी दर्जा देने, धान क्रय केंद्रों पर दलालों का वर्चस्व रोकने, डीजल सहित खाद व बीज का मूल्य कम करने, सरयू नहर खंड तीन पर राजगुरु जुड़पनिया से जंगल जाने वाले मार्ग पर पुल निर्माण करने, पराली जलाने वाले किसानों का उत्पीड़न रोकने व छुट्टा जानवरों से किसानों को निजात दिलाने की मांग की है।
नजर बंद हुए सपाई, घर व कार्यालय में रहे कैद
समाजवादी पार्टी की ओर से किसान आंदोलन को गति देने के लिए भारत बंद के समर्थन की घोषणा की गई थी। जिसे देखते हुए जिला प्रशासन की ओर से पार्टी के पदाधिकारियों को उनके घर व कार्यालय पर ही नजर बंद कर दिया गया। जहां पुलिस का पहरा सख्त होने के कारण पार्टी कार्यकर्ता व पदाधिकारी अपने घर व कार्यालय में कैद रहे।
इन सबके बावजूद श्रावस्ती के पूर्व विधायक हाजी मोहम्मद रमजान व सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष जीतेंद्र यादव पार्टी कार्यालय के लिए घर से बाहर निकले। जिन्हें रास्ते से हिरासत में ले लिया गया। जिन्हें पुलिस लाइन की अस्थाई जेल में ले जाया गया। इस दौरान उनके साथ जिला उपाध्यक्ष सत्येंद्र सिंह, अशरफ खां, रामकुमार यादव सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
चप्पे-चप्पे पर मुस्तैद रही पुलिस
भारत बंद को देखते हुए जिले में शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद रहा। सभी प्रमुख बाजारों, चौक चौराहों व मुख्य मार्गों पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। इसके साथ ही स्वयं जिलाधिकारी टीके शिबु व पुलिस अधीक्षक अरविंद कुमार मौर्या ने पुलिस बल के साथ भिनगा नगर में मार्च पास्ट किया।
वहीं अपर पुलिस अधीक्षक बीसी दूबे ने अपर जिलाधिकारी योगानंद पांडे के साथ इकौना कस्बे में पैदल गश्त कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इसके साथ ही जिले में स्थापित विभिन्न बैरियर व चेक पोस्ट पर तैनात पुलिस कर्मियों की ओर से पूरी मुस्तैदी के साथ आंदोलन में शामिल होने के लिए जाने वालों को वापस लौटाते देखा गया।