श्रावस्ती। न्यायालय के आदेश के बाद भी अधिशाषी अधिकारी नगर पंचायत इकौना द्वारा उसका अनुपालन नहीं कराया जा रहा है। आदेश अनुपालन की मांग को लेकर नगर पंचायत आने वाले फरियादी की बात न सुनकर ईओ द्वारा एक अनाधिकृत व्यक्ति के पास बार-बार भेजा जा रहा है। इससे फरियादी परेशान हैं। ऐसे में पीड़ित ने डीएम को पत्र भेज कर प्रकरण में हस्तक्षेप करने की मांग की है।
जिलाधिकारी यशु रुस्तगी को भेजे शिकायती पत्र के जरिये भिनगा नगर निवासी रामरूप गुप्ता ने कहा है कि इकौना में उसकी ननिहाल है। उसने अपने नाना छेदीराम पुत्र समयदीन से इकौना के मोहल्ला आजाद नगर स्थित मकान नंबर 106 का रजिस्टर्ड वसीयत कराया था। इस मामले में आजाद नगर निवासी धर्मेंद्र कुमार गुप्ता उर्फ ननके पुत्र शिवदीन द्वारा आपत्ति की गई थी जिसका सक्षम न्यायालय द्वारा निस्तारण किया जा चुका है।
धर्मेंद्र द्वारा दायर वाद खारिज किया जा चुका है। इतना ही नहीं धर्मेंद्र द्वारा की गई अपील भी सीजेएम द्वारा 17 फरवरी 2020 को निरस्त कर दी गई। तब से पीड़ित आदेश का अनुपालन कराने व वसीयत दर्ज कराने के लिए नगर पंचायत इकौना कार्यालय का चक्कर लगा रहा है। वहां तैनात अधिशाषी अधिकारी द्वारा पीड़ित के प्रार्थना पत्र का निस्तारण न कर बार-बार बाराबंकी निवासी नरसिंह के पास जाकर बात समझाने की बात कही जा रही है। वहीं नरसिंह द्वारा मकान के अनुसार धन की मांग की जा रही है। ऐसे में पीड़ित ने डीएम से हस्तक्षेप कर नामांतरण कराने व अनाधिकृत व्यक्ति को नगर पालिका से हटाने तथा ईओ पर कार्रवाई करने की मांग की है।
मामला विवादित है। सोमवार को यह प्रकरण अध्यक्ष के माध्यम से मेरे समक्ष आया था जिसकी जांच किए बिना निस्तारण संभव नहीं है। जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
-प्रेमनाथ, ईओ इकौना