श्रावस्ती। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए बृहस्पतिवार को मतदान कराया गया। कुछ स्थानों पर हुई छिटपुट घटनाओं को छोड़ मतदान शांतिपूर्ण संपन्न हुआ। मौसम के पारे के साथ ही मतदान प्रतिशत भी बढ़ता रहा। 828388 मतदाताओं के सापेक्ष शाम छह बजे तक 81.2 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इस दौरान एक स्थान पर जहां बीडीसी पद का बैलेट पेपर बदला गया। वहीं सिरसिया के शंकरपुर में प्रधान पद के दो प्रत्याशी आपस में भिड़ गए। जिन्हें पुलिस अपने साथ थाने ले गई जबकि एक स्थान पर पुलिस व पीठासीन पर एजेंट को अंदर न जाने देने व समुदाय विशेष के लोगों को लाभ पहुंचाने का आरोप भी लगा। बाद में पहुंचे अधिकारियों ने मामले को शांत कराया।
जिले में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के पहले चरण में गुरुवार को मतदान कराया गया। सिरसिया के शंकरपुर, गिलौला के किशुनपुर चंदन भारी व इकौना के कटरा सहित कुछ अन्य स्थानों पर हुई छिटपुट घटनाओं को छोड़ पूरे जिले में मतदान शांतिपूर्ण संपन्न हुआ। मौसम के पारे के साथ ही मतदान प्रतिशत भी बढ़ता रहा। सुबह सात बजे शुरु हुए मतदान के बाद सुबह 8 बजे तक 8.15 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। वहीं सुबह 10 बजे 16 प्रतिशत, दोपहर 12 बजे 27.64 प्रतिशत, दोपहर 2 बजे 40.60 प्रतिशत, शाम 4 बजे 53.80 प्रतिशत तथा शाम छह बजे तक 828388 मतदाताओं के सापेक्ष 81.2 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इस दौरान इकौना विकास क्षेत्र के कटरा में क्षेत्र पंचायत सदस्य के छह प्रत्याशी मैदान में थे। जिसके सापेक्ष मात्र चार प्रत्याशियों का ही बैलेट पेपर पहुंचा। जिससे यहां मतदान करीब आधे घंटे तक शुरू नहीं हो सका।
सूचना के बाद पहुंचे अधिकारियों ने यहां बैलेट पेपर बदला। वहीं सिरसिया के शंकरपुर में प्रधान पद के दो प्रत्याशी आपस में भिड़ गए। जिन्हें पुलिस अपने साथ पकड़ कर सिरसिया थाने ले गई। जबकि गिलौला के किशुनपुर चंदनभारी के मतदाताओं ने वहां मौजूद पुलिस व पीठासीन अधिकारी पर दूसरे प्रधान पद के प्रत्याशी के एजेंट को अंदर न जाने देने व समुदाय विशेष के लोगों को लाभ पहुंचाने का आरोप लगाया गया। इतना ही नहीं यहां पीठासीन पर स्वयं बैलेट पेपर पर मोहर लगाने का आरोप भी लगा। सूचना के बाद मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने मामले को शांत कराया।
वहीं, गिलौला के मतदाताओं का नाम सूची से गायब होने तथा कुछ मतदाताओं का नाम सूची व आधार में मिलान न करने के कारण उन्हें मतदान से वंचित होना पड़ा। वही तिलकपुर में एक प्रधान प्रत्याशी के घर पर मतदाताओं को एकत्रित कर नास्ता कराए जाने की शिकायत के बाद पुलिस बल के साथ पहुंचे थाना प्रभारी कमलाकांत त्रिपाठी ने लोगों को दौड़ा कर भीड़ को हटवाया।
जमुनहा भवनियापुर में मतदान के दौरान कुछ फर्जी महिला मतदाता बन कर पोलिंग बूथ पहुंच गई। जिनका वहां मौजूद पोलिंग एजेंटों की ओर से विरोध किया गया। जिस देख मौके पर पहुंची पुलिस ने फर्जी मतदान के लिए आई पांच महिलाओं को पकड़ कर पोलिंग बूथ से बाहर कर दिया।
जमुनहा भवनियापुर के वार्ड नंबर सात से सदस्य ग्राम पंचायत पद पर चार लोगों का नामांकन हुआ था। बाद में चुनाव निशान का आवंटन भी हुआ। इसमें असगर अली को चुनाव निशान आम मिला। वहीं नफीस अहमद को ओखली, राम प्रसाद को अंगूर एवं रशीद अहमद को चुनाव निशान केला मिला था। इसके बाद सभी अपना अपना प्रचार करते रहे। गुरुवार को मतदान के दौरान मात्र तीन प्रत्याशी का ही नमूना पत्र जारी किया गया। बैलेट पेपर में मात्र तीन चुनाव निशान ही मिला। जबकि केला चुनाव निशान गायब था। जिसे देख मतदाता असमंजस में पड़ गए। जानकारी करने पर एसडीएम जमुनहा प्रवेंद्र कुमार ने बताया कि असगर अली का नाम कैंसिल हुआ है। इसी कारण निशान बदला है। जबकि प्रत्याशियों का कहना है कि उन्हें कोई सूचना नही मिली।