श्रावस्ती। शासन की ओर से प्रतिबंध के बावजूद कार्य बहिष्कार पर अड़े रहना जिले के लेखपालों को भारी पड़ा। लेखपालों की कार्यप्रणाली से नाराज जिला प्रशासन ने गुरुवार को लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष सहित आठ पदाधिकारियों को निलंबित कर दिया। इस आदेश के बाद भी लेखपालों का धरना जारी है।
जिले में आठ सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलित लेखपालों पर प्रशासन ने कार्रवाई करना प्रारंभ कर दिया है। गुरुवार को जिलाधिकारी यशु रुस्तगी के आदेश के बाद संबंधित एसडीएम ने अपनी तहसीलों में तैनात लेखपाल संघ के सभी प्रमुख पदाधिकारियों को निलंबित कर दिया।
निलंबित पदाधिकारियों में जमुनहा तहसील में तैनात उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष गोविंद नाथ मिश्र, जिलामंत्री अनंतराम के साथ ही तहसील अध्यक्ष धर्मेशदत्त गुप्ता, तहसील मंत्री जगतराम शुक्ल शामिल हैं। इसके साथ ही इकौना तहसील अध्यक्ष राजमणि गुप्ता, तहसील मंत्री प्रदीप कुमार चौधरी व भिनगा तहसील अध्यक्ष जयंत सिंह व मंत्री विक्रम सिंह को भी एसडीएम ने निलंबित कर दिया।
इस बारे में एडीएम योगानंद पांडेय ने बताया कि आंदोलित लेखपालों को बुधवार को काम पर वापस लौटने का नोटिस दिया गया था। इसके बाद भी यह लोग काम पर नहीं लौटे। इसलिए यह कार्रवाई की गई।