श्रावस्ती। शिक्षा से समाज में बदलाव लाया जा सकता है। इसलिए बालिकाओं को शिक्षा के क्षेत्र में बढ़ावा दिया जाए। वहीं उन्हें आत्मरक्षा के तरीकों से भी अवगत कराया जाए, ताकि समय आने पर वह स्वयं की रक्षा कर सकें। इससे बालिकाएं जहां आत्मनिर्भर होंगी वहीं सम्मान भरा जीवन जी सकेंगी। यह बातें अमर उजाला की मुहिम अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत जूनियर हाईस्कूल बंदरहा दक्षिणी में आयोजित बालिका शिक्षा व यातायात जागरूकता कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहीं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए यातायात प्रभारी अखिलेश कुमार ने कहा कि बालिकाओं को शिक्षा के साथ आत्म रक्षा के लिए प्रशिक्षित होना होगा। साथ ही उन्होंने यातायात नियम व संकेतों की जानकारी देते हुए कहाकि यातायात नियमों की जानकारी बच्चियों सहित अन्य लोगों की सुरक्षा की गारंटी है।
आरक्षी रवींद्र यादव ने महिला सुरक्षा, यूपी 100, 1090 महिला टोल फ्री नंबर व 181 के बारे में बताया। इस दौरान आरक्षी पुनीत वर्मा, संदीप सिंह सहित बीएस एक्सीलेंट के छात्र-छात्राएं व शिक्षक भी मौजूद रहे।
बेटियां घर परिवार के मान सम्मान के लिए अत्याचार को सहन कर जाती है। इसके पीछे उनकी शारीरिक व मानसिक कमजोरी छिपी होती है। जिस दिन बेटियां शिक्षित हो आत्मरक्षा के तरीके सीख लेंगी, उस दिन वह अत्याचार का मुंहतोड़ जवाब भी दे सकेंगी। - अखिलेश कुमार, यातायात प्रभारी
बच्चियों को यदि बेहतर माहौल मिले तो वह न सिर्फ शिक्षा के क्षेत्र में अपना नाम रोशन करेंगी, बल्कि अपने पैरों पर खड़ी होकर सम्मानजनक जीवन भी जी सकेंगी। बशर्ते माता पिता उन्हें खुला आसमान देकर पढ़ने का पूरा मौका दें और सही उम्र पर ही उनकी शादी करें। - मानवती, शिक्षिका
बेटियाें का घरों में अधिकार छीना जा रहा है। माता पिता उनकी सुरक्षा से भयभीत हो घरों से दूर पढ़ाने से परहेज करते हैं। बेटियों को शिक्षा, संस्कार के साथ ही आत्मरक्षा के लिए प्रशिक्षित कराएं। संसार में ऐसा कोई काम नहीं जो सिर्फ बेटे कर सकते हैं। - ईरम फातिमा, शिक्षिका
प्रत्येक माता पिता का यह सपना होता है कि उनकी बेटियां दुनिया व समाज में उनका नाम रोशन करें। इसलिए बेटियों को भी चाहिए कि वह शिक्षा पर ध्यान दें और समाज में नाम रोशन करें। - अंशू
हमने आत्मरक्षा व यातायात नियत तथा संकेतों के बारे में जो सीखा उसे अपने भाई बहनों को भी बताएंगे। साथ ही अपनी सहेलियाें को नियमित इसका अनुपालन करने के लिए प्रेरित भी करेंगे। - प्रिया गुप्ता
शिक्षा वह अनमोल रत्न है जिसे कोई चुरा नहीं सकता। जिसके पास शिक्षा व संस्कार हैं वह समाज में सम्मान जनक जीवन जी सकता है। इसलिए हमें अपनी शिक्षा पर ध्यान देना होगा। - रीना बानो
बेटियां आज किसी भी मामले में बेटों से कम नहीं है। ऐसे में लोगों को अपनी सोच बदलनी होगी। बेटियों को बेटों के समान माहौल दें, ताकि वह स्वयं व माता पिता के सपनों को पूरा कर सकें। - सबीना
शिक्षा से समाज में बदलाव लाया जा सकता है। इसलिए बालिकाएं उच्च शिक्षा प्राप्त करें। इसके साथ ही वह सम्मानजनक जीवन जी सकें, इसके लिए उन्हें आत्मनिर्भर बनना होगा। - शबनम
सभी क्षेत्रों में सरकार बेटियों को समान मौका दे रही है। सभी को चाहिए कि भेदभाव भूल कर बेटियों को बेटों के समान आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करें। उन्हें आगे बढ़ने को प्रोत्साहित करें। - एमन
हमें शिक्षकों से विद्या मिल रही है, जबकि अधिकारी आत्मरक्षा के लिए तैयार कर रहे हैं। यह दोनों हमारे जीवन के लिए बेहद जरूरी है। इन जानकारियों से वह आत्मरक्षा के लिए तैयार हो सकेंगी। - मन्तशा
कार्यक्रम में हमने बहुत कुछ सीखा। हम शिक्षा व सुरक्षा के तरीके सीखने के साथ ही अपनी सेहत का भी ख्याल रखें। जब हम स्वस्थ होंगे तभी हम शिक्षित व सुरक्षित हो सकेंगे। - सन्जुम खान
विद्यालय में मिली जानकारी का लाभ मिले, इसके लिए हम सभी को इसका अनुपालन करना होगा। घर पर भाई बहनों व सखी सहेलियों के साथ अनुभव साझा कर उन्हें जागरूक करना होगा। - नाजिया बानो