श्रावस्ती। तराई में ठंड का शिकंजा दिन-प्रतिदिन कसता जा रहा है। सोमवार को कोहरे की बूंदें फुहार बनकर गिरीं, दिन भर धूप भी नहीं निकली। इस दौरान लगभग पांच किमी प्रति घंटे की रफ्तार से सर्द पछुआ हवा चली, जिसने लाेगों को ठिठुरा दिया। पशु-पक्षी तक बेहाल हैं। हवा व कोहरे के चलते सोमवार को अधिकतम तापमान दो डिग्री लुढ़क कर 15 डिग्री पहुंच गया।
तराई वासियों को सोमवार सुबह कोहरे व सर्द हवा का सामना करना पड़ा। धूप निकलने की उम्मीद बादलों ने तोड़ दी। तेज बर्फीली हवा के साथ दिन भर कोहरा लोगों पर फुहार बनकर बरसा, जिसके चलते ज्यादातर लोग घरों में दुबके रहे।
गलन से निजात पाने के लिए लोगों को दिन भर हीटर व अलाव का सहारा लेना पड़ा। तराई में लगातार बढ़ी रही गलन से सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों व बुजुर्गों को हुई। 15 दिनों से जारी कड़ाके की ठंड से पशु-पक्षी भी बेहाल दिखे और सड़कों पर दोपहर के समय सन्नाटे की स्थिति रही।
सोमवार को तराई का अधिकतम तापमान 15 डिग्री व न्यूनतम तापमान 10 डिग्री दर्ज किया गया। रविवार को तराई का अधिकतम तापमान 17 डिग्री व न्यूनतम तापमान 10 डिग्री दर्ज किया गया था।
ठंड में इन बातों का ध्यान रखें किसान
- गेहूं की फसल में कहीं भी जलजमाव न होने दें।
- धूप निकलने तक गेहूं की सिंचाई करने से बचें।
- फसलों की नियमित देखभाल के साथ रोग की संभावना दिखने पर कृषि वैज्ञानिक से संपर्क करें।
- पाले से बचाने के लिए सरसों की फसल पर राख का छिड़काव करें।
पशुपालक बरतें ये सावधानी
- मवेशियों को खुले में बांधने से बचें।
- मवेशियों को खुले में रखा ठंडा पानी पिलाने के बजाय ताजा पानी पिलाएं।
- मवेशियों को जूट के बोरे, घर के अनुपयोगी कपड़ों से ढक कर रखें।
- मवेशियों को रखने के स्थल को पल्ली से ढककर रखें।
- मवेशियों के सुस्त दिखने या भोजन न करने पर पशु चिकित्सक की सलाह लें।
हृदय व सांस रोगी बरतें विशेष सावधानी
- हृदय व सांस रोगियों को सुबह-शाम टहलने से बचना चाहिए।
- शरीर के सभी अंगों विशेषकर नाक-मुंह व कान को ढक कर रखें।
-गर्म पानी का सेवन करें और ठंडे पानी से नहाने से बचें।
- बीपी व शुगर की नियमित जांच करवाएं और दिक्कत होने पर चिकित्सक का परामर्श लें।
श्रावस्ती में सोमवार को कोहरे की बूंद से भीगी गेहूं की फसल।- संवाद