गिलौला। बारिश और तेज हवा का कहर बरपे आठ दिन बीत चुके हैं, लेकिन लोगों की दुश्वारियां कम नहीं हुई हैं। बारिश में खंभे गिरने से बेपटरी हुई बिजली आपूर्ति व्यवस्था के कारण पेयजल संकट गहरा गया है। इसका असर विद्यालयों में भी दिखने लगा है। उधर, जलभराव के कारण धार्मिक स्थलों पर पूजा-अर्चना प्रभावित होने की भी आशंका है। नवरात्र में ग्रामीणों को दिक्कत हो सकती है।
लगातार नौ दिन से बिजली आपूर्ति ठप होने से पेयजल संकट खड़ा हो गया है। शनिवार को गिलौला के सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में मध्यावकाश के दौरान पानी पीने के लिए बच्चों में अफरातफरी मच गई। धक्का-मुक्की कर रहे बच्चों को समझाने के लिए प्रधानाचार्य अशोक मिश्रा को खुद मोर्चा संभालना पड़ा। उन्होंने बारी-बारी से बच्चों को पानी भरवाया। बताया कि विद्यालय में आरओ सिस्टम और 15 से अधिक पानी की टोंटियां हैं, लेकिन बिजली न होने से उनका उपयोग नहीं हो पा रहा है। ऐसे में हैंडपंप ही बच्चों का सहारा है। एसडीओ को फोन करने पर भी संपर्क नहीं हो पा रहा है।
ग्राम पंचायत मोहम्मदपुर में काली माता के थान के पास आठ दिनों से गंदा पानी भरा है। दुर्गा पूज समिति के कोषाध्यक्ष माता प्रसाद मिश्रा ने बताया कि शारदीय नवरात्र में काली माता के थान पर दुर्गा पूजन होता है। ऐसे में जलभराव के कारण पूजा को लेकर संशय बना हुआ है। सामुदायिक शौचालय के आसपास भी गंदा पानी भरा है। इससे ग्रामीणों में रोष है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गिलौला में जलभराव है। सप्ताह भर से भरे पानी में कीड़े पड़ गए हैं और दुर्गंध उठने लगी है। इससे मरीजों और तीमारदारों को परेशानी हो रही है। गंदे पानी से संक्रामक बीमारी फैलने का खतरा भी बना है। अस्पताल आईं राधा देवी, कल्पना, सुमन व रामधीरज आदि ने जल्द से जल्द पानी निकलवाने की मांग की।
टीम भेजकर निकलवाया जा रहा है पानी
जहां-जहां जलभराव हुआ है, वहां टीम भेजकर पानी निकलवाया जा रहा है। अधिक बारिश से समस्या आई है। जल्द सभी स्थानों को जलभराव मुक्त करा दिया जाएगा।
-बीरेंद्र प्रताप सिंह, बीडीओ