श्रावस्ती। अब सरकारी व अर्द्धसरकारी कार्यालय व स्कूलों में शिक्षकों के साथ अधिकारी व कर्मचारियों को ड्रेस कोड में आना होगा। ऐसा न करने पर उनके ऊपर कार्रवाई भी हो सकती है। डीएम के आदेश पर विभागाध्यक्षों ने इसके लिए निर्देश जारी किए हैं। ड्रेस कोड में पैंट शर्ट जूता निर्धारित किया गया है। यह आदेश जिले में तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
सरकारी, अर्द्धसरकारी कार्यालय व स्कूल में जींस पैंट टी शर्ट या फिर कुर्ता पैजामा पहन कर आना अब नुकसान देह हो सकता है। इसका कारण है कि अब जिले में ड्रेस कोड लागू किया गया है। यह आदेश डीएम ने सभी विभागाध्यक्षों के लिए जारी किया है। डीएम की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि कुछ अधिकारी व कर्मचारी शासन के नियमों के अनुरूप निर्धारित वेषभूषा में नहीं रहते।
इसी के बाद सभी को निर्देशित किया गया है कि सभी विभागाध्यक्ष सुनिश्चित कर ले कि उनके कार्यालय में कार्यरत सभी कर्मी व अधीनस्थ निर्धारित वेषभूषा में आएंगे। जिसमें पैंट शर्ट व जूता हो, साथ ही जूते का रंग काला अथवा भूरा होगा। इस आदेश के बाद सभी विभागाध्यक्षों ने भी इसके पालन के निर्देश जारी किए हैं।
वहीं बीएसए ओमकार राणा ने भी सभी खंड शिक्षाधिकारियों को निर्देश दिया है कि इस ड्रेस कोड को विद्यालय में भी लागू किया जाए। इस आदेश के लागू होने के साथ ही अब शिक्षक स्कूल में पैंट शर्ट के साथ जूता जिसका रंग काला अथवा भूरा होगा, वहीं पहन कर आएंगे। अन्यथा की स्थिति मेें उन्हें दंडित भी किया जा सकता है।
नोडल अधिकारी भी ड्रेस कोड को लेकर पहले भी दे चुके आदेश
पूर्व में भी नोडल अधिकारी की ओर से बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के निरीक्षण के दौरान एक सहायक की ओर से जींस पैंट व गाढ़े रंग का शर्ट पहने पर नाराजगी जताई थी। उसी समय मौके पर मौजूद तात्कालिक डीएम को निर्देश दिया था कि सभी कार्यालय व स्कूल के साथ समस्त सरकारी, अर्द्ध सरकारी संस्थानों में ड्रेस कोड को कड़ाई से लागू किया जाए। लेकिन उस समय यह आदेश महज मौखिक तक रह गया था।