बौद्ध तपोस्थली में शनिवार को बोधि वृक्ष का पूजन करते थाईलैंड के अनुयायी। -संवाद
कटरा। बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती शनिवार को थाईलैंड से आए अनुयायियों के 40 सदस्यीय दल से गुलजार रही। सभी ने बौद्ध भिक्षु देवानंद के नेतृत्व में पारंपरिक ढंग से बोधि वृक्ष का पूजन-अर्चन किया। इस दौरान बौद्ध सभा का भी आयोजन किया गया।
बौद्ध सभा में दान का महत्व समझाते हुए भिक्षु देवानंद ने कहा कि इसे पांच सत्पुष-दान के रूप में वर्णित किया गया है। इसमें श्रद्धापूर्वक दिया गया दान, गौरव, उचित समय, मुक्त हस्त और बिना किसी को आघात पहुंचाए दिया गया दान शामिल है।
उन्होंने बताया कि ये दान व्यक्ति को जीवन में और अधिक धनवान, ऐश्वर्यशाली, सुंदर और मनोरम बनाते हैं। साथ ही ऐसे दान से प्राप्त धन किसी भी प्रकार के खतरे आग, पानी, राजा, चोर या अप्रिय उत्तराधिकारी से भी सुरक्षित रहता है।
उन्होंने आगे बताया कि दान से धन कभी घटना नहीं है, बल्कि उसमें उत्तरोत्तर वृद्धि होती है। ऐसे में जरूरतमंदों को दान जरूर देना चाहिए। बौद्ध सभा के बाद अनुयायियों ने कच्ची कुटी-पक्की कुटी, गंध कुटी, अंगुलिमाल गुफा, जेतवन, विपश्यना ध्यान केंद्र आदि का भ्रमण कर उनके इतिहास व आध्यात्म की जानकारी ली।