कटरा (श्रावस्ती)। एनसीसी कैडेट की ओर से स्वस्थ भारत अभियान पखवाड़ा मनाया जा रहा है। इसके तहत मंगलवार को इकौना में धूम्रपान निषेध जन जागरण रैली निकाली गई। इसे जगत जीत इंटर कॉलेज इकौना के प्रधानाचार्य ने हरी झंडी दिखा कर रवाना किया। इस दौरान धूम्रपान व तंबाकू का सेवन नहीं करने की अपील की गई।
यूपी एनसीसी बटालियन बलरामपुर के एनसीसी कैडेट की ओर से इकौना में जन जागरण साइकिल रैली निकाली गई। इसका शुभारंभ जगत जीत इंटर कॉलेज के प्राचार्य डॉ. भूदेश्वर पांडे ने हरी झंडी दिखाकर किया। इस दौरान प्रधानाचार्य ने कहा कि विश्व जहां कोरोना महामारी से जूझ रहा है। वहीं ऐसी ही गंभीर महामारी तंबाकू और उससे जुड़े नशीले पदार्थों का उत्पादन भी है। जिसकी तस्करी व सेवन में निरंतर वृद्धि हो रही है।
वैश्विक स्तर पर तंबाकू उपभोग कम करने वाली प्रभावी नीतियों के लिए वकालत करने व तंबाकू उपभोग से जुड़े स्वास्थ्य और अन्य जोखिमों को उजागर करने के लिए प्रतिवर्ष 31 मई को विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाया जाता है। इसका आयोजन विश्व स्वास्थ्य संगठन ने वर्ष 1987 में तंबाकू प्रकोप और निवारण योग्य मृत्यु एवं उसके कारण होने वाले रोगों के प्रति विश्व का ध्यान आकर्षित करने के लिए किया था।
पूरे विश्व के लोगों को तंबाकू मुक्त और स्वस्थ बनाने के लिए व सभी स्वास्थ्य खतरों से बचाने के लिये तंबाकू चबाने या धूम्रपान के द्वारा होने वाले खतरों से सावधान करने के लिये इसकी प्रासंगिकता बढ़ती जा रही है। तंबाकू सेवन से करीब 25 तरह की जानलेवा बीमारियां और करीब 40 तरह के कैंसर होने की संभावनाएं हैं। डब्ल्यूएचओ की घोषणा के आधार पर इस समय समूचे विश्व में हर साल 50 लाख से अधिक व्यक्ति धूम्रपान के सेवन के कारण अपनी जान से हाथ धो रहे हैं।
अगर इस समस्या को नियंत्रित करने की दिशा में कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया तो वर्ष 2030 में धूम्रपान के सेवन से मरने वाले व्यक्तियों की संख्या प्रतिवर्ष 80 लाख से अधिक हो जायेगी। युवा पीढ़ी इस जाल में बुरी तरह कैद हो चुकी है। आज हर तीसरा व्यक्ति किसी न किसी रूप में तंबाकू का आदी हो चुका है। बीड़ी-सिगरेट के अलावा तंबाकू के छोटे-छोटे पाउच से लेकर तेज मादक पदार्थों, औषधियों तक की सहज उपलब्धता इस आदत को बढ़ाने का प्रमुख कारण है। इस मौके पर आरबी बाजपेई, सत्य प्रकाश मौर्य, हनुमान प्रसाद आदि शिक्षक, शिक्षिकाएं तथा एनसीसी कैडेट मौजूद रहे।