तुलसीपुर। तेज आवाज से होने वाली परेशानी से बचाने के लिए सोनवा क्षेत्र के लक्ष्मणनगर की नव दुर्गा पूजा समिति ने अनूठी पहल की है। समिति ने दुर्गा प्रतिमा विसर्जन शोभायात्रा में डीजे नहीं बजाने का निर्णय लिया है। इससे बुजुर्गों और बीमार लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। नवरात्र समेत अन्य पर्वों पर डीजे बजाने का चलन बढ़ा है। तेज आवाज से कार्यक्रम में शामिल लोगों के साथ आसपास रहने वाले बुजुर्गों और बीमार लोगों को भी परेशानी होती है। इसी को देखते हुए समिति ने यह फैसला लिया है। नाक, कान, गला रोग विशेषज्ञ डॉ. अजीम ने बताया कि सामान्य तौर पर कान 60 डेसिबल तक की ध्वनि आसानी से सहन कर सकते हैं। वहीं, डीजे और लाउडस्पीकर की 100 से 110 डेसिबल तक की आवाज कुछ ही मिनटों में सुनने की क्षमता को नुकसान पहुंचा सकती है। उन्होंने लोगों से कम आवाज में ध्वनि सुनने की अपील की।
डीजे के प्रयोग पर यह बोले लोग
समिति प्रबंधक राम धीरज वर्मा ने कहा कि धार्मिक आयोजनों की गरिमा शोर नहीं, बल्कि श्रद्धा, आस्था और अनुशासन में है। डीजे से होने वाले नुकसान को देखते हुए इसे शोभायात्रा में शामिल नहीं करने का निर्णय लिया गया है। कोषाध्यक्ष उमेश कुमार सिंह ने कहा कि तेज आवाज से बुजुर्गों, बीमारों और आसपास के लोगों को परेशानी होती है। चंद्रशेखर वर्मा व गोपाल सिंह ने बलरामपुर में डीजे से बालिका की मौत की अपुष्ट जानकारी का जिक्र करते हुए इसके नुकसान के प्रति जागरूकता पर जोर दिया। इस बार शोभायात्रा में डीजे की जगह पारंपरिक वाद्ययंत्र बजेंगे।