श्रावस्ती। तराई में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। बीते सप्ताह तेज हवा के साथ हुई झमाझम बारिश से जहां तापमान लुढ़ गया था तो वहीं बीते दो दिनों से धूप के चलते उमस बढ़ी है। मौसम की इस उठापटक के बीच जिला चिकित्सालय की ओपीडी में डायरिया व बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है।
जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. एनएन पांडेय ने बताया कि तापमान में वृद्धि होने पर शरीर में पानी की कमी का खतरा बढ़ जाता और डायरिया की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में लोगों को पानी का सेवन अधिक से अधिक करना चाहिए। बारिश के बाद मच्छर जनित बीमारियों की संभावना भी है ऐसे में सभी लोग मच्छरदानी का प्रयोग करें। साथ ही नींबू पानी, छाछ व अन्य तरल पदार्थों का सेवन करें। साफ-सफाई का ध्यान रखें और बाहर का खाना खाने से बचें। घर पर बने ताजे भोजन का सेवन करें, हाथ धोने की आदत को अपनाएं, ऑयली और मसालेदार भोजन से परहेज करें। बीमारी के लक्षण दिखने पर तत्काल चिकित्सक की सलाह लें, झोलाछाप के चक्कर में बिल्कुल न पडें।