गंध कुटी पर प्रार्थना करते थाईलैंड से आए अनुयायी। -संवाद
कटरा (श्रावस्ती)। बुद्ध की तपोस्थली श्रावस्ती शनिवार को थाईलैंड से आए अनुयायियों से गुलजार रही। दल ने भिक्षु देवानंद के नेतृत्व में गंध कुटी पर प्रार्थना की।
भिक्षु देवानंद ने कहा कि ध्यान साधना से हम शरीर की हलचल व मन के विचार जान सकते हैं। सुखों का कारण जान कर दुखों के कारण को छोड़ सकते हैं। एक कदम रखकर सांस लें व दूसरा कदम चलने पर सांस को बाहर निकालें।
हम अपने दुखों से मुक्ति चाहते हैं तो तथागत बुद्ध के मार्ग पर चलना होगा। तभी हम भगवान बुद्ध के सच्चे अनुयायी साबित होंगे। पूजन के बाद अनुयायियों ने तपोस्थली की परिक्रमा कर बुद्धम शरणम गच्छामि, संघम शरणम गच्छामि, धम्मम शरणम गच्छामि का उद्घोष भी किया।