सरयू योजक नहर में प्रतिबंधित जाल से कर रहे मछली का शिकार।
श्रावस्ती। बरसात में मछलियां प्रजनन करती हैं। ऐसे में तीस सितंबर तक मछलियों के शिकार को प्रतिबंधित किया गया है। इसकी अवहेलना करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की चेतावनी भी जारी की गई है। इसके बावजूद जिले में प्रतिबंधित जाल से प्रजनन काल में मछलियों का शिकार हो रहा है।
वर्षा ऋतु में भारतीय मेजर कार्प मछलियां जैसे कतला, रोहू व नैन व विदेशी कार्प जैसे ग्रास कार्प, सिल्वर कार्प व कॉमन कार्प मछलियां प्रजनन करती हैं। ऐसे में 30 सितंबर तक फ्राई एवं फिंगरलिंग आकार का मत्स्य बीज पकड़ने व नष्ट करने पर प्रतिबंध है। प्रतिबंधित क्षेत्रों में छोटे जालों से मछली तथा उनके बच्चों की निकासी करने तथा ऐसे सभी उपकरण जिनसे शिकार संभव हो पूर्णतया प्रतिबंधित है। इसके बावजूद जिले में बेखौफ शिकारी प्रतिबंधित जाल से प्रजनन काल में मछलियों का शिकार कर रहे हैं। ऐसा ही कुछ जमुनहा क्षेत्र में राप्ती सरयू योजक नहर में देखने को मिला। यहां कुछ लोग मच्छरदानी जैसे जाल से मछली का आखेट करते दिखे। वहीं एसडीएम प्रवीण कुमार यादव ने बताया कि जांच कर कार्रवाई की जाएगी।