श्रावस्ती। ब्लॉक प्रमुख पद का नामांकन पत्र न मिलने पर गुरुवार को सपा कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए। ब्लॉक मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस ने सपाइयों को गिरफ्तार कर पुलिस लाइन में रखा। बाद में मुचलके के बाद छोड़ दिया।
ब्लॉक प्रमुख पद का चुनाव इस बार आरोप प्रत्यारोप के बीच हुआ। इस दौरान प्रशासन के ऊपर भी सपा सहित अन्य दलों के साथ आम लोगों ने भी सत्ता के दबाव में नियम विरुद्ध काम करने का आरोप लगाया। सपा कार्यकर्ता के साथ निर्दल प्रत्याशी राजकुमार यादव व हरिश्चंद्र यादव का आरोप था कि बुधवार जब वह निर्धारित समय पर नामांकन पत्र लेने के लिए ब्लॉक मुख्यालय पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि 12 सेट में नामांकन पत्र आया था। जो बिक चुका है। एआरओ जिला मुख्यालय से और नामांकन पत्र लेने गए हैं। निर्धारित समय पर सभी को नामांकन पत्र मिल जाएगा।
इसी के बाद सपा सहित निर्दल प्रत्याशी वहीं पर धरने पर बैठ गए। उनका कहना था कि जब तक नामांकन पत्र नहीं मिलेगा तब तक वह नहीं हटेंगे। लेकिन रात आठ बजे के करीब एसडीएम इकौना आरपी चौधरी के आश्वासन के बाद कि गुरुवार निर्धारित समय पर उन्हें नामांकन पत्र मिल जाएगा। इसलिए प्रत्याशियों ने अपना धरना समाप्त कर दिया। लेकिन गुरुवार एसडीएम का आश्वासन महज जुबानी ही साबित हुआ। सुबह जब पुन: निर्दल व सपा प्रत्याशी ब्लॉक मुख्यालय पर नामांकन पत्र लेने गए तो उन्हें वहां कुछ नहीं मिला।
इस दौरान जब नामांकन चाहने वाले प्रत्याशियों द्वारा एसडीएम सहित अन्य जिम्मेदार अधिकारियों को फोन करने का प्रयास किया गया तो अधिकांश लोगों का फोन नहीं उठा। इससे नाराज प्रत्याशियों ने ब्लॉक मुख्यालय पर ही प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस प्रदर्शन के दौरान पार्टी नेता अमर यादव, निवर्तमान जिलाध्यक्ष सर्वजीत यादव, महमूद आलम नईमी, पूर्व विधायक इंद्राणी वर्मा, पूर्व जिलाध्यक्ष जितेंद्र विक्रम यादव, रामकुमार यादव सहित करीब 200 कार्यकर्ताओं को पुलिस ने गिरफ्तार कर पुलिस लाइन में बैठा दिया। जहां देर शाम उन्हें निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया।