श्रावस्ती/इकौना। बदहाल व जर्जर सड़कें जहां एक ओर ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन को दुश्कर बना रही हैं। वहीं, नगर क्षेत्रों की जर्जर गलियां व सड़क लोगों की समस्या को बढ़ाने का काम कर रही हैं। ऐसे में जर्जर सड़कों से आवागमन करने पर वाहनों की भी हालत खस्ता हो रही है। साथ ही राहगीरों की सेहत पर भी दुष्प्रभाव पड़ रहा है।
भिनगा-परसा मार्ग बदहाल
भिनगा से परसा होते हुए लक्ष्मनपुर कोठी जाने वाला मार्ग बीते कई वर्षों से बदहाल है। स्थानीय लोगों ने इस मार्ग के निर्माण के लिए कई बार जनप्रतिनिधियों से मांग की, लेकिन अब तक इसकी मरम्मत नहीं हो सकी है। सड़क पर जगह-जगह बने गड्ढे राहगीरों के लिए मुसीबत का सबब बने हुए हैं। बीते दिनों इसी मार्ग पर नथुनिया मोड़ निवासी संतराम दुर्घटना का शिकार हो गए थे।
यह बोले राहगीर
इकौना नगर निवासी अर्जुन गुप्ता ने बताया कि नगर में बनी ज्यादातर सड़कें जर्जर हो चुकी हैं। फिर भी संबंधित विभाग इसे मरम्मत कराने में रुचि नहीं दिखा रहा है। इसी तरह से मोहल्ला तिलकनगर निवासी महेंद्र प्रताप पांडेय, इकौना देहात निवासी श्रीपाल ने बताया कि खराब सड़कों पर चलने से वाहनों में अक्सर खराबी आ जाती है। तुलसीपुर निवासी लोकनाथ आर्या ने बताया कि मल्हीपुर, जमुनहा, तुलसीपुर सहित अन्य स्थानों पर मार्ग पूरी तरह से खस्ताहाल हो गए हैं। ऑटोमोबाइल मैकेनिक इबरार अहमद ने बताया कि जर्जर सड़कों पर वाहनों के चलने से उनके शॉकर, बैटरी, टायर आदि जल्दी खराब हो जाते हैं। कई बार वाहनों के इंजन भी अधिक लोड के कारण खराब हो रहे हैं।
यह बोले विशेषज्ञ
संयुक्त जिला चिकित्सालय के हड्डी रोग विशेषज्ञ अजय गौतम ने बताया कि खराब सड़कों पर आवागमन करने से सबसे अधिक समस्या रीढ़ की हड्डी में होती है। बार-बार हिचकोले खाने से स्लिप डिस्क की भी समस्या हो सकती है। इसलिए लोगों को चाहिए कि खराब सड़कों पर चलने से बचें।