तुलसीपुर। नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों और तराई में रुक-रुककर हो रही बारिश के चलते राप्ती नदी का जलस्तर लगातार घट-बढ़ रहा है। जलस्तर में उतार-चढ़ाव के बीच नदी जमुनहा तहसील क्षेत्र के तटवर्ती गांवों में तेजी से कटान कर रही है। मंगलवार को राप्ती के तटवर्ती गांव वीरपुर में कटान की स्थिति की पड़ताल की गई। किसानों ने बताया कि अब तक 15 बीघा से अधिक फसल लगी भूमि नदी में समा चुकी है, जबकि करीब 30 बीघा खेत कटान के मुहाने पर हैं।
वीरपुर निवासी किसान कनछेद ने बताया कि उनके खेत में धान की फसल लगी थी, लेकिन बीते कुछ दिनों में राप्ती ने फसल समेत खेत को काटकर अपने आगोश में ले लिया। गांव निवासी छोटकऊ चौहान, इंद्रपाल चौहान, जोखन विश्वकर्मा और फकीरे विश्वकर्मा ने बताया कि नदी की धारा तेजी से गांव की ओर बढ़ रही है। करीब 30 बीघा फसल लगी भूमि कटान की जद में है और धीरे-धीरे कटती जा रही है।
किसानों के मुताबिक राप्ती की मुख्य धारा में रेत जमा होने के कारण नदी का बहाव किनारों की ओर हो गया है। इससे लहरें खेतों से टकराकर फसल और उपजाऊ भूमि को निगल रही हैं। किसानों ने कहा कि समय रहते कटानरोधी कार्य नहीं कराया गया तो कई किसान भूमिहीन हो जाएंगे। उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों से तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की।
सेमगढ़ा-गोविंदपुर मार्ग का बाईपास जलमग्न
इकौना। राप्ती के बढ़ते जलस्तर के कारण सेमगढ़ा चौराहे से गोविंदपुर मार्ग पर निर्माणाधीन पुल का अस्थायी बाईपास पूरी तरह जलमग्न हो गया है। तेज बहाव के कारण आवागमन ठप होने के कगार पर है। ग्रामीण जान जोखिम में डालकर मार्ग पार कर रहे हैं। पानी के तेज बहाव के कारण ई-रिक्शा का संचालन भी मुश्किल हो गया है, जबकि लोग पैदल रास्ता पार करने को मजबूर हैं।
राहगीर कलीम, नाजमा, सुखदेव और अनुज मिश्रा ने बताया कि यह मार्ग कई गांवों और कस्बों को जोड़ता है। इसी रास्ते से स्कूली बच्चे भी आवागमन करते हैं। ग्रामीणों ने डीएम से पुल निर्माण पूरा होने तक सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराने की मांग की है।
वीरपुर गांव के पास कटान करती राप्ती, कनछेद,सुंदरलाल चौहान
वीरपुर गांव के पास कटान करती राप्ती, कनछेद,सुंदरलाल चौहान
वीरपुर गांव के पास कटान करती राप्ती, कनछेद,सुंदरलाल चौहान
वीरपुर गांव के पास कटान करती राप्ती, कनछेद,सुंदरलाल चौहान