जमुनहा बहराइच मार्ग पर मंगलवार सुबह नौ बजे कोहरे के बीच स्कूल जाता छात्र
श्रावस्ती। तराई में ठंड का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। सोमवार शाम से छाया घना कोहरा सुबह करीब नौ बजे तक बूंद बनकर बरसता रहा। कोहरे की चादर को चीर कर निकली धूप ने लोगों को थोड़ी राहत महसूस कराई। मंगलवार को जिले का न्यूनतम तापमान आठ डिग्री सेल्सियस पर स्थिर रहा। पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी के कारण ठिठुरन भी बढ़ गई है। इसके चलते लोगों की दुश्वारियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं।
घने कोहरे के कारण शाम पांच बजे से मंगलवार सुबह नौ बजे तक वाहनों की रफ्तार काफी धीमी रही। वही, सर्द बर्फीली हवाओं की वजह से लोगों को कोई खास राहत मिलती नहीं दिख रही। करीब पांच किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रहीं पश्मिोत्तर हवाओं ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। सुबह शाम पड़ रही ठिठुरन से लोग कंपकंपा उठे हैं।
गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद
जिला कृषि अधिकारी अमित प्रसाद मिश्रा ने बताया कि कोहरा गेहूं की फसल के लिए लाभदायक सिद्ध होगा। टमाटर व आलू सहित सरसों की फसल पर इसका प्रतिकूल असर पड़ सकता है। इसलिए लोगों को चाहिए कि वे तत्काल कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करें। जिससे नुकसान को रोका जा सके। किसान संभव हो तो खेतों में यूरिया का प्रयोग करें। इसका फायदा मिलेगा।
पशुओं को दें गुनगुना पानी
इस समय जिले में ठंडक काफी बढ़ गई है। ऐसे में पशु पालकों को चाहिए कि धूप निकलने पर मवेशियों को ऐसे स्थान पर बांधे जहां उन्हें धूप तो मिले, लेकिन हवाओं का प्रकोप कम हो। उन्हें हरे चारे के साथ मिनरल मिक्सचर, खड़िया मिट्टी दें। साथ ही उन्हें पीने के लिए गुनगुना पानी दें। संभव हो तो उसमें गुड़ मिला कर दें, फायदा होगा।
- डाॅ. मानव, सीवीओ