श्रावस्ती। कोरोना का कहर जिले के गांवों में धीरे धीरे फैल रहा है। अब तक पाए गए 22 कोरोना पॉजिटिव में सभी ग्रामीण इलाकों के हैं। सबसे अधिक पॉजिटिव मरीज इकौना व जमुनहा क्षेत्र के हैं। यही वह इलाके हैं जहां प्रवासी मजदूरों के वापसी की संख्या भी अधिक है।
नगर में भले ही कोरोना संक्रमित मिलने की पुष्टि न हो, लेकिन सबसे अधिक भय में नगरवासी है। इसका कारण है कि पूरा नगर ग्रामीण क्षेत्रों के भरोसे ही जीवन यापन कर रहा है।
कोरोना संक्रमण का फैलाव अब धीरे धीरे जिले में होता जा रहा है। देखा जाए तो जिले के पांचों विकास खंड में कोरोना संक्रमित पाए जा चुके हैं। इसमें से बीस मरीज तो प्रवासी मजदूर है जो काम के सिलसिले में महानगरों में गए थे।
वहीं से कोरोना संक्रमण लेकर लौटे हैं। कोरोना पॉजिटिव पाए गए लोगों में मात्र एक मरीज आगरा में काम करता था। जहां से वह संक्रमित होकर लौटा था। शेष 19 मजदूर मुंबई से लौटे थे।
अभी तक जिले के भिनगा व इकौना नगर में कोरोना संक्रमण का एक भी मरीज नहीं पाया गया। यह खबर भले ही नगर के लिए कुछ राहत लेने वाली हो, लेकिन यहां रहने वाले लोग गांवों में फैल रहे संक्रमण को लेकर ज्यादा भयभीत हैं।
नगरवासियों की माने तो उनके जीवन का आधार ही गांव से जुड़ा हुआ है। इसलिए यदि गांव स्वस्थ नहीं रहेगा तो नगर ज्यादा दिनों तक स्वस्थ नहीं रहेगा। भिनगा नगर में रहने वाले तपानाथ तिवारी का कहना है कि नगर में सब्जी हो या दूध सब कुछ गांव से ही आता है।
यदि गांव में एक भी व्यक्ति संक्रमित है और वह लापरवाह भी है तो संक्रमण पूरे गांव में फैलेगा। फिर गांव से शहर में आएगा। देखते ही देखते कोई भी इस संक्रमण से बच नहीं पाएगा।
वहीं आशीष कुमार सिंह का कहना है कि शहर भले ही अपने आपको अलग मानता हो लेकिन सारी व्यवस्था गांव पर ही आधारित है। खास तौर से भिनगा व इकौना नगर के आटा चक्की हो राइस मिल या फिर तेल निकालने की मशीन सब कुछ गांव में ही है।
गांव से ही प्रतिदिन मंडियों में सब्जी आती है। यह पूरी चेन है। हम इसके एक भी कड़ी को निकाल नहीं सकते। इसलिए जब तक गांव नहीं स्वस्थ होगा तब तक नगर स्वस्थ होगा यह बेमानी है।
इसलिए गांव में फल रहे संक्रमण को हर हाल में रोकना होगा। इसलिए नगर में रह रहे लोगों से अपील है कि गांव से आने वाला दूधिया हो या अन्य व्यक्ति सबको कोरोना संक्रमण के प्रति जागरूक करें। उन्हें जो लोग बाहर से आ रहे हैं। उनको छिपाने के बजाए एकांतवास में रहने के लिए प्रेरित करें। तभी वह स्वस्थ रहेंगे, जब वह स्वस्थ रहेंगे तभी हम स्वस्थ रहेंगे।