श्रावस्ती। प्रवासी मजदूरों की वापसी जिले में हो रही है। औसतन दो से तीन हजार प्रवासी मजदूर प्रतिदिन घर वापसी कर रहे हैं। अभी तक जिले में कुल 35276 प्रवासी मजदूर घर आ चुके हैं। यह वह प्रवासी मजदूर हैं जो घर वापसी के बाद अपनी जांच कराने थर्मल स्क्रीनिंग सेंटर पहुंचे थे।
इनमें से 27929 मजदूर अभी भी होम क्वारंटीन में हैं। जबकि 7349 ने चौदह दिन की क्वारंटीन अवधि पूरा करके अपना दैनिक कार्य शुरू कर दिया। जबकि मात्र पांच प्रवासी मजदूर ही संस्थागत क्वारंटीन हैं। इसमें से जिला अस्पताल में दो व भयापुरवा में तीन लोग हैं।
प्रवासी मजदूरों की वापसी लगातार जिले में हो रही है। प्रवासी मजदूरों का पंजीकरण कराने के लिए स्पोर्ट्स स्टेडियम भिनगा, जगतजीत इंटर कॉलेज इकौना, सेठ प्रभूदयाल इंटर कॉलेज नासिरगंज को सेंटर बनाया गया है। यहां आने वाले प्रवासी मजदूरों की थर्मल जांच के बाद उन्हें होम क्वारंटीन में जाने के लिए प्रमाण पत्र देकर भेजा जा रहा है।
देखा जाए तो अब तक जिले में 35276 प्रवासी मजदूर आ चुके हैं। यह वह संख्या है, जो प्रवासी मजदूर थर्मल स्क्रीनिंग सेंटर पर आकर अपनी जांच करा चुके हैं। इसके अतिरिक्त भी अन्य प्रदेशों से आने वाले प्रवासी हैं। कई प्रवासी मजदूर थर्मल स्क्रीनिंग सेंटर पर जाने के बजाए सीधे अपने घर पहुंच रहे हैं।
जहां उनके आने की कोई सूचना अधिकृत लोगों तक नहीं पहुंच पा रही है। इसके चलते उनकी निगरानी भी नहीं हो पा रही है। ऐसे में यह प्रवासी मजदूर अपने साथ संक्रमण लाए हैं या नहीं इसकी भी पुष्टि व आंकड़ा स्वास्थ्य विभाग के पास नहीं है। ऐसे में सीएमओ डॉ. एपी भार्गव ने आम लोगों से अपील की है कि वह आने वाले प्रवासियों को सीधे थर्मल स्कैनिंग सेंटर भेजें। ताकि उनकी जांच हो सके व उन पर स्वास्थ्य विभाग निगाह रख सके।
एएसपी बीसी दुबे ने बताया कि होम क्वारंटीन में रह रहे प्रवासी मजदूरों पर निगरानी के लिए थानावार टीम बनाई गई है। यह टीम गांव में जाकर लोगों का सत्यापन करती है कि वह घरों में रह रहे है या फिर बाहर घूम रहे हैं। घर से बाहर मिले लोगों को चेतावनी दी जा रही है कि यदि वह दोबारा वह घर के बाहर मिलेंगे तो उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल अधिकांश लोग होम क्वारंटीन में मिल रहे है।