श्रावस्ती। कोविड-19 संक्रमण जिले में लगभग समाप्त हो चुका था। लेकिन एक बार फिर मुंबई से आने वाले कामगार अपने साथ संक्रमण ला रहे हैं। इसकी पुष्टि मंगलवार को बहराइच में हुई। जब जरवल में हुई जांच के दौरान जिले के दो कामगार कोविड से संक्रमित पाए गए। जिन्हें वहीं पर एल-वन हॉस्पिटल में शिफ्ट कर दिया गया। वहीं दूसरी ओर मुंबई से आने वाले निजी बसों के यात्रियों की जांच के लिए कोई सुविधा न होने के कारण वह जाने अनजाने एक बार फिर संक्रमण का प्रसार कर रहे हैं।
कोविड 19 का असर अभी समाप्त नहीं हुआ है। यह बात और है कि प्रशासनिक सख्ती व लोगों की ओर से बरते जा रहे एहतियात से जिले में संक्रमण की रफ्तार मंद हो गई थी। महीनों से कोई भी संक्रमित न मिलने के कारण प्रशासन भी राहत महसूस कर रहा था। लेकिन अब जैसे-जैसे गेहूं कटाई का समय लौट रहा है। वैसे-वैसे मुंबई से अन्य महानगरों से कामगार अपने घरों की ओर लौट रहे हैं। यह कामगार अपने साथ कोविड संक्रमण भी ला रहे हैं। इसकी पुष्टि मंगलवार को जरवल कस्बा स्टेशन पर उस समय हुई जब मुंबई से आने वाली ट्रेन के यात्रियों की कोविड जांच कराई गई। इसमें दो संक्रमित श्रावस्ती जनपद के पाए गए थे।
इन संक्रमितों के मिलने के बाद प्रशासन बेचैन हो गया है। यह बात और है कि जिले में कहीं से भी रेलवे लाइन का जुड़ा न होने के कारण इन यात्रियों को बहराइच सहित अन्य जनपदों में उतरना होता है। वहां जांच हो जाने के बाद ही इन्हें श्रावस्ती की ओर जाने की इजाजत मिलती है। लेकिन दूसरी ओर एक और समस्या निजी बस के रूप में खड़ी हो गई है। श्रावस्ती ही नहीं बहराइच सहित कई अन्य जनपदों से मुंबई से श्रावस्ती के लिए बस चलती हैं। यह बसें यहां से सवारी ले जाती हैं। इसके बाद मुंबई से आने वाले लोगों को लाती हैं। स्थिति यह होती है कि देर सबेर आने वाली यह बसें यात्रियों को उनकी सुविधानुसार उतारते हुए अपने स्टैंड पर आती हैं। इससे जाने-अनजाने में यात्रियों के साथ संक्रमण का भी प्रसार हो सकता है।
मुंबई के लिए यहां से आती-जाती बसें
बहराइच सदर, मल्हीपुर, शंकरपुर चौराहा, इकौना, बलरामपुर व भिनगा बस स्टैंड दहाना से बसों का संचालन मुंबई के कुर्ला तक होता है। इसके लिए पूरे जिले में एजेंटों का जाल बिछा हुआ है। यह एजेंट यात्रियों से किराया वसूल कर उन्हें मुंबई लाते ले जाते हैं। लेकिन मुंबई से चलते समय व अपने गंतव्य तक पहुंचने तक इनकी कहीं भी कोविड जांच नहीं हो पाती। इसके चलते वह आसानी से न चाहते हुए भी कोविड संक्रमण की चपेट में आ जाते हें।
ऐसे किसी भी बस संचालन की जानकारी नहीं है। लेकिन यदि इस तरह कोई बस मुंबई से सीधे जिले के किसी हिस्से में आती है तो उनकी जांच कराने के लिए थना प्रभारियों को निर्देश दिया जाएगा। वहां से आने वाले सभी यात्री कोविड जांच कराकर अपने घरों को जाएं। यह सुनिश्चित किया जाएगा।
बीसी दूबे एएसपी
ऐसे किसी भी बस के आने-जाने की जानकारी नहीं है। यदि ऐसा है तो इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। मुंबई ही नहीं किसी भी बड़े महानगर से आने वालों को बिना जांच के जिले में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। -डॉ. एपी भार्गव सीएमओ