राप्ती के मझौवा ककरा घाट पर जल्द शुरू होगा पुल निर्माण।
श्रावस्ती। राप्ती नदी की कछार में बसे 40 गांवों के लोगों की दुश्वारी कम होगी। साथ ही भिनगा पड़ोसी जिला बलरामपुर व मंडल मुख्यालय गोंडा से सीधा जुड़ेगा। गोंडा में मंडलीय समीक्षा बैठक में श्रावस्ती विधायक रामफेरन पांडेय के प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वीकृति देते हुए 71 करोड़ रुपये जारी किए हैं। अब जल्द ही मझौवा ककरा घाट पर पुल पुल का निर्माण शुरू होने की उम्मीद है।
जिले में करीब 62 किलोमीटर दूरी तय करने वाली राप्ती नदी पर एक और पुल निर्माण की सौगात पूरी होने वाली है। इससे नदी पर पुलों की संख्या बढ़कर सात हो जाएगी। साथ ही नदी पार बसे भिनगा व इकौना तहसील व विकास क्षेत्र के 40 गांव मुख्यालय से सीधे जुड़ जाएंगे। साथ ही भिनगा-बलरामपुर वाया लक्ष्मणपुर मार्ग भी सीधा जुड़ जाएगा।
सितंबर में मंडलीय समीक्षा बैठक करने गोंडा आए मुख्यमंत्री ने सभी विधायकों से एक-एक प्रस्ताव मांगा था। इस पर श्रावस्ती विधायक ने बलरामपुर सीमा के निकट मझौवा ककरा घाट पर पुल के निर्माण का प्रस्ताव दिया था। पुल निर्माण से जहां कछारवासियों की बहुप्रतीक्षित मांग पूरी होगी। वहीं उपेक्षित क्षेत्र का चहुंमुखी विकास भी होगा। विधायक ने बताया कि मुख्यमंत्री की ओर से 71 करोड़ रुपये का बजट जारी किया गया है। इससे पुल निर्माण के साथ ही दोनों तरफ अप्रोच बनाया जाएगा। इससे दुश्वारी झेल रहे ग्रामीणों को आवागमन में परेशानियों से राहत मिलेगी। साथ ही भिनगा से बलरामपुर व गोंडा की दूरी करीब 20-30 किलोमीटर कम हो जाएगी। पुल निर्माण की कवायद शुरू हो गई है। सभी औपचारिकताएं पूरी कर जल्द ही इसका निर्माण शुरू हो जाएगा।
बूढ़ी राप्ती नदी पर शुरू हुआ पुल निर्माण
भिनगा के लक्ष्मनपुर गोढ़पुरवा स्थित बूढ़ी राप्ती नदी पर पुराना पुल होने के कारण वह संकरा है। साथ ही पुल के दक्षिणी छोर पर ही मोड़ व गांव होने के कारण यहां अक्सर दुर्घटनाएं होती रहती थीं। अब जब भिनगा-इकौना मार्ग का दोहरीकरण कराया जा चुका है। तब यह पुल वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बन रहा था। पतला पुल होने के कारण पुल पर वाहनों का पास लेना नामुमकिन था। ऐसे में शासन ने यहां डबल लेन पुल निर्माण की स्वीकृति दी है। पैसे मिलने के साथ ही पुल निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। सबकुछ ठीक रहा तो बरसात पूर्व पुल निर्माण की प्रक्रिया पूरी करा ली जाएगी।