जमुनहा तहसील गेट पास हुई महिला की मौत के बाद मौजूद लोग।
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श्रावस्ती। जोगिया चौगोई की एक बुजुर्ग महिला ढाई माह से वरासत के लिए तहसील का चक्कर लगा रही थी। मंगलवार को वह अपनी फरियाद अधिकारियों को सुनाने आई थी लेकिन वापसी में जमुनहा तहसील के गेट पर उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद किसान यूनियन ने जमुनहा बहराइच मार्ग जाम कर प्रदर्शन किया। मृतक महिला के पुत्रों का आरोप है कि लेखपाल उनसे एक हजार रुपये बतौर रिश्वत लेने के बाद भी वरासत नहीं कर रहा था।
जमुनहा के जोगिया चौगोई निवासी सुंदर लाल की मौत तीन जुलाई को हो गई थी। उसके नाम से तेरह बीघे जमीन थी। उनकी मौत के बाद जमीन की वरासत उनके चार पुत्रों व पत्नी के नाम होनी थी। सुंदरलाल की मौत के कुछ दिन बाद से मृतक की पत्नी सुंदरपती व उसके बड़े पुत्र राधेश्याम ने जरूरी अभिलेख हल्का लेखपाल नीलमणि को दिए थे।
मृतका के पुत्र का आरोप है कि लेखपाल ने खर्चे के नाम पर उससे एक हजार रुपये ले लिया। इसके बाद उन्हें आज कल कह कर दौड़ाता रहा। इस दौरान उसने कई बार तहसील में जाकर भी अपनी फरियाद अधिकारियों को सुनाई। इसके बाद भी कुछ नहीं हुआ। मंगलवार को वह यही फरियाद लेकर सुंदरपती जमुनहा तहसील आई थीं। शिकायती पत्र देने के बाद वापस जा रही थीं कि गेट पर अचानक गिरकर उनकी मौत हो गई।
इस दौरान उनके साथ मौजूद बड़े बेटे राधेश्याम ने आरोप लगाया कि वह काफी दिनों से वरासत के लिए लेखपाल के पास दौड़ रहा है। पहले लेखपाल टरकाता फिर कहने लगा कि जो कागज दिया था वह गायब हो गया है। जब मिलेगा तो वरासत कर दूंगा।
तहसील गेट पर महिला की मौत की खबर सुनते ही किसान यूनियन ने तहसील प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और जमुनहा-बहराइच मार्ग लगभग आधे घंटे तक जाम रखा। नायब तहसीलनदार जानकी प्रसाद शुक्ल ने मौके पर पहुंच कर लेखपाल पर कार्रवाई का आश्वासन दिया जिसके बाद लोग शांत हुए।
वहीं नायब तहसीलदार ने अपनी गाड़ी से बुजुर्ग महिला की लाश को उसके घर पहुंचवाया। घटना के संबंध में एसडीएम जमुनहा मयाशंकर यादव का कहना है कि वरासत न किए जाने का प्रार्थना पत्र मृतका के पुत्र द्वारा दिया गया था। जिसे तत्काल निस्तारण के लिए दे दिया गया था। तहसील में महिला नहीं आई थी। वह कहीं इलाज के लिए आई थी।