श्रावस्ती। विगत एक पखवारे से बरसात की आस देख रहे किसानों की बुधवार शाम मनचाही मुराद पूरी हो गई। तेज हवाओं के साथ हुई बरसात ने जहां लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत दिलाया। वहीं खेत खलिहान भी पानी से सरोबोर हो गए। जिसे देख किसानों के चेहरे खिल उठे। अपेक्षित बरसात के बाद सूख रही धान की फसलों को मानो संजीवनी मिल गई।
जिले में बरसात न होने के कारण जहां खेतों में लगी धान व अन्य फसलें नमी के अभाव में सूख रही थी। वहीं निकलने वाली धूप के कारण लोगों को भीषण उमस भरी गर्मी से जूझना पड़ रहा था। बुधवार दोपहर बाद तक खिली चटकीली धूप के बीच हवाएं न चलने के कारण लोगों को भीषण उमस भरी गर्मी से जूझना पड़ा। इस बीच शाम करीब तीन बजे आसमान पर घने काले बादल छा गए।
इसके चलते कुछ पल के लिए मानो अंधेरा छा गया। ऐसे में वाहन चालकों को लाइटें जलानी पड़ी। इसी बीच चली तेज धूल भरी पछुआ हवाओं के साथ शुरू हुई बरसात करीब आधे घंटे तक जारी रही। झूमकर हुई इस बरसात के कारण खेत पूरी तरह से जलमग्र हो गए हैं। जिन्हें देख किसान प्रफुल्लित नजर आए। तेज बरसात के कारण भिनगा नगर के प्रमुख मार्गों पर जलभराव की समस्या उत्पन्न हो गई।
जिससे लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। नेपाल के पहाड़ों पर होने वाली बरसात के कारण सिरसिया क्षेत्र में बहने वाला भैंसाही नाला, सूरज कुंडा, हथिया कुंडा सहित अन्य पहाड़ी नाले भी उफान पर आ गए। शाम को हुई इस बरसात के बाद असिंचित सिरसिया क्षेत्र में सूख रही धान की फसल को मानो संजीवनी मिल गई। क्षेत्र के किसानों का मानना है कि इस समय धान गलेथा पर है। इस बरसात के बाद धान के निकलने में सहूलियत मिलेगी। जिससे पैदावार बेहतर हो सकती है।