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झमाझम बारिश से नगर पानी-पानी, बढ़ी परेशानी

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शुक्रवार रात हुई बरसात के बाद भिनगा मे व आसपास खेतों में जल भराव - फोटो : SRAWASTI
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श्रावस्ती। तराई में आषाढ़ मास के अंतिम सप्ताह में मेघ मेहरबान हो गए। देर रात शुरू हुई झमाझम बरसात से नगर व गांव की गलियां पानी-पानी हो गईं। जबकि तपती धरती को अभी राहत की फुहार का इंतजार है। धान की रोपाई कर चुके किसान जहां बरसात से प्रफुल्लित नजर आ रहे हैं। वहीं सिरसिया क्षेत्र में धान की रोपाई के लिए खेतों को और पानी की दरकार है। बरसात बाद शुरू हुई बादलों की लुकाछिपी व बढ़ी उमस से जनजीवन बेहाल है।
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जिले में विगत कई माह से अपेक्षित बरसात न होने के कारण धरती प्यासी थी। वहीं आषाढ़ मास के अंतिम पखवारे में जहां खेतों में धूल उड़ रही थी। वहीं लोगों को जेठ की तपन का अहसास हो रहा था। विगत तीन सप्ताह से बरसात न होने के कारण धान की नर्सरी तैयार कर चुके किसान रोपाई करने के लिए आसमान की ओर निहार रहे थे। आसमान पर घुमड़ने वाले काले बादलों के बिना बरसे लौट जाने से किसानों के चेहरों की हवाइयां उड़ रही थीं। ऐसे में शुक्रवार रात शुरू हुई झमाझम बरसात सुबह तक रुक-रुक कर जारी रही। कभी तेज तो कभी हल्की बरसात के कारण नगर सहित गांवों की गलियों में पानी भर गया। ऐसे में जगह-जगह उत्पन्न कीचड़ व जलभराव की समस्या के कारण लोगों की परेशानी बढ़ गई। इस बरसात से जहां धान की नर्सरी को फायदा हुआ।
वहीं धान की रोपाई कर चुके किसानों को भी राहत मिली। हालांकि तपन के कारण प्यासी धरती को इस बरसात का कोई खास फायदा नहीं हुआ। खेतों में अपेक्षित पानी न होने के कारण अभी धान की रोपाई का कार्य प्रारंभ नहीं हो सका है। धान की रोपाई के लिए किसानों को और बारिश का इंतजार है। वहीं शनिवार दोपहर बाद शुरू हुई बादलों की लुकाछिपी से बढ़ी उमस ने लोगों की दुश्वारियां बढ़ा दी हैं। ऐसे में लोगों को राहत की फुहार का इंतजार है।
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