श्रावस्ती। कोरोना संक्रमण को देखते हुए विगत वर्ष 25 मार्च से जिले में सभी स्कूल बंद कर दिए गए थे। अब सरकार के निर्णय के बाद 10 फरवरी को स्कूल खोले जाएंगे। पहले दिन सभी स्कूलों में कक्षा आठ की पढ़ाई शुरू की जाएगी। प्रत्येक सप्ताह कक्षाओं के संचालन के लिए स्कूलों में समय तय कर दिया गया है। सभी स्कूलों में सैनिटाइजेशन के साथ किचन व परिसर की साफ-सफाई कराई गई है।
जिले में कक्षा छह से आठ तक के स्कूल का संचालन बुधवार से होना है। इसके लिए मंगलवार देर शाम जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक कलेक्ट्रेट में हुई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए डीएम टीके शिबु ने स्कूल संचालन से लेकर समय सारिणी जारी की है। समय सारिणी के अनुसार एक कक्षा के छात्र सप्ताह में दो दिन ही स्कूल में पढ़ सकेंगे। सभी कक्षाओं में आने वाले छात्र व शिक्षक स्वास्थ्य कर्मियों की निगरानी में रहेंगे। इसके साथ ही स्कूलों का सैनिटाइजेशन भी कराया जाएगा। साफ-सफाई व सामाजिक दूरी पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
अभिभावक की सहमति लेने के बाद ही बच्चों को स्कूल में प्रवेश दिया जाएगा। यदि बच्चों घर में ही पढ़ना चाहते हैं तो इसकी अनुमति दी जाएगी। सभी विद्यालयों में बच्चों के हाथ धोने के लिए नल ठीक होने चाहिए। शासकीय सहायता प्राप्त एवं मान्यता प्राप्त विद्यालयों में बच्चों को लाने व छोड़ने के लिए लगाए गए वाहन को पूर्ण रूप से सैनिटाइज किया जाये। प्रधानाध्यापक की ओर से स्थानीय स्तर पर उपलब्ध स्वास्थ्य विभाग की टीम से समन्वय स्थापित करते हुए आवश्यक मेडिकल सपोर्ट लिया जाए। एक छात्र से दूसरे छात्र के बैठने की दूरी छह फिट होनी चाहिए, पब्लिक एड्रेस सिस्टम के द्वारा बच्चों को निर्देश दिया जाए।
सोमवार एवं गुरुवार को कक्षा छह, मंगलवार एवं शुक्रवार को कक्षा सात तथा बुधवार व शनिवार को कक्षा आठ के बच्चों को स्कूल बुलाया गया है। जहां बच्चे अधिक हैं वहां दो पालियों में कक्षाएं संचालित होंगी। विद्यालयों में कोई आयोजन नहीं किया जाएगा। यदि आयोजन अनिवार्य हो तो न्यूनतम छह फिट की दूरी के नियम का अनुपालन किया जाए। विद्यालय या उसके नजदीकी स्थल पर स्वास्थ्य कर्मी की उपलब्धता होनी चाहिए। स्वास्थ्य कर्मी विद्यालय के शिक्षक एवं छात्रों की नियमित जांच करेंगे। यदि विद्यालय का कोई छात्र व स्टाफ कोरोना पॉजिटिव मिले तो उसे विद्यालय में ही आइसोलेट किया जाएगा। आशा व एएनएम की ओर से प्रत्येक दिन सुबह बच्चों का तापमान चेक किया जाए।