श्रावस्ती। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में सोमवार शाम डीएम ने मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना की समीक्षा की। उन्होंने योजना को बेटियों के लिए वरदान बताते हुए अभिभावकों से आवेदन करने की अपील की। जिलाधिकारी नेहा प्रकाश ने सभी एसडीएम व बीडीओ को अपने स्तर पर लंबित 220 आवेदन पत्रों के निस्तारण करने का निर्देश दिया। समीक्षा के दौरान 49 आवेदनों को जिला अनुश्रवण समिति की ओर से स्वीकृति प्रदान की गई।
डीएम ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत बेटी के जन्म से लेकर स्नातक की पढ़ाई तक सरकार छह चरणों में 15 हजार रुपये दे रही है। योजना का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन व ऑफलाइन आवेदन करना होगा। कन्या भ्रूण हत्या को समाप्त करना, समान लैंगिक अनुपात स्थापित करना, बाल विवाह की कुप्रथा को रोकने, बालिकाओं के स्वास्थ्य व शिक्षा को प्रोत्साहित करने, बालिकाओं को स्वावलंबी बनाने, बालिका के जन्म के प्रति समाज में सकारात्मक सोच विकसित करने के लिये यह योजना सहायक बनेगी।
उन्होंने बताया कि इसके लिए स्थायी निवास प्रमाण पत्र के साथ आधार के रूप में एक आईडी देनी होगी। लाभार्थी की वार्षिक आय तीन लाख रुपये तक होनी चाहिये। दो बच्चों से अधिक होने पर इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। किसी महिला के दूसरे प्रसव से जुड़वा बच्चे होने पर तीसरी संतान के रूप में लड़की को ही लाभ मिल सकेगा। पहले प्रसव से बालिका है व दूसरे प्रसव से दो जुड़वा बेटियों के जन्म पर तीनों को लाभ मिलेगा। बैठक का संचालन जिला प्रोबेशन अधिकारी सुबोध कुमार सिंह ने किया। बैठक में एडीएम डीपी सिंह, सीएमओ डाॅ. एसपी तिवारी, डीडीओ रामसमुझ, बीएसए अमिता सिंह, जिला समन्वयक अजीत उपाध्याय सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे। संवाद