भिनगा में तहसील के पास सजी मिठाई की दुकान।
श्रावस्ती। रक्षाबंधन पर्व की तैयारियों में मिठाई की खरीदारी सबसे महत्वपूर्ण होती है। साथ ही लोग इसे सबसे बाद में खरीदते हैं। लोगों को लुभाने के लिए हर जगह दुकानें सज गई हैं। दुकानों के बाहर रंग-बिरंगी मिठाइयों की खुली किस्तियां लोगों को ललचाने का काम कर रही हैं। किंतु खुले में बिक रही इस तरह की मिठाइयों से लोगों के सेहत पर प्रभाव पड़ने की आशंका है।
भिनगा में नई बाजार हो या फिर तहसील तिराहा, खलवा बाजार हो या दहाना तिराहा हर जगह सड़क किनारे मिठाई कारोबारियों ने अपना स्टॉल सजा दिया है। इन दुकानों पर खुले में ही सभी मिठाइयां बेची जा रही हैं। लेकिन जिम्मेदार विभाग सिर्फ खानापूर्ति में ही जुटा है। बिना दस्ताना पहने ही दुकानदार लोगों को धड़ल्ले से मिठाइयों की बिक्री कर रहे हैं। वहीं, खरीदार भी आंख मूंदकर खरीदारी कर रहे हैं।
घर की बनी मिठाइयां सबसे अच्छी
जिला चिकित्सालय के चिकित्सक डॉ. ध्रुव कुमार मिश्रा ने बताया कि त्योहारों पर यदि घर में बनी मिठाई का प्रयोग किया जाए तो सबसे बेहतर है। वहीं, मिठाई में यदि एफएसएसएआई (भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण) की ओर से जारी नियमों के अनुसार रंग मिलाया गया है तो ही वह खाने योग्य हो सकता है। अधिक चटख रंग वाली मिठाइयों का प्रयोग नहीं करना चाहिए। साथ ही छेना व अन्य गीली मिठाइयों को खरीदने से पहले उसकी गुणवत्ता अवश्य देख लें। इस तरह की मिठाइयों में बैक्टीरिया तेजी से पनपता है। इससे फूड पॉइजनिंग की समस्या हो सकती है।
त्योहार के मद्देनजर लगातार छापामारी की जा रही है। बृहस्पतिवार को गिलौला बाजार में 20 किलो लड्डू को नष्ट कराया गया है। इसके पहले गिलौला में ही फंगस लगा खोआ मिलने पर उसे भी नष्ट कराया गया था। इसी तरह से अन्य बाजारों में भी निगरानी की जा रही है। सड़क किनारे खुले में मिठाई बेचना गलत है। मिठाइयों को ढक कर रखना चाहिए। साथ ही हाथ में दस्ताना पहनकर ही मिठाइयों को छूना चाहिए। गड़बड़ी जहां भी पाई जाएगी, वहां कार्रवाई की जाएगी।
आदर्श कुमार, खाद्य सुरक्षा अधिकारी
भिनगा में तहसील के पास सजी मिठाई की दुकान।