बोधि वृक्ष की पूजा करते कंबोडिया के अनुयायी।- संवाद
कटरा। बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती शनिवार को कंबोडिया से आए अनुयायियों के 45 सदस्यीय दल से गुलजार रही। सभी ने बौद्ध भिक्षु मित्रसेन के नेतृत्व में अपने रीति-रिवाज के साथ बोधि वृक्ष का पूजन-अर्चन किया। इस दौरान सभी ने बुद्धम शरणम गच्छामि, संघम शरणम गच्छामि, धम्मम शरणम गच्छामि का उद्घोष किया।
बौद्ध सभा को संबोधित करते हुए भिक्षु मित्रसेन ने कहा कि घर में बुद्ध की प्रतिमा रखने से आंतरिक शांति, सकारात्मकता और सुख-समृद्धि आती है। यह घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है और मानसिक तनाव को कम करने में सहायक होती है।
वास्तुशास्त्र के अनुसार सही जगह पर बुद्ध की प्रतिमा रखने से वास्तु दोष दूर होते हैं और घर में खुशहाली बनी रहती है। बुद्ध शांति, संतुलन और आंतरिक शक्ति का प्रतीक हैं। उनकी उपस्थिति घर में एक शांत ऊर्जा क्षेत्र बनाती है, जिससे मन को सुकून मिलता है। घर में बुद्ध की प्रतिमा रखने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सकारात्मकता व सुख-समृद्धि बढ़ती है। यह ध्यान और सजगता को बढ़ावा देती है, जो विचारों की स्पष्टता और भावनात्मक स्थिरता में मदद करती है।
सभा के बाद अनुयायियों तपोस्थली का भ्रमण कर उसके इतिहास की जानकारी ली।