श्रावस्ती। बसपा ने अपने पूर्व लोकसभा प्रत्याशी हाजी मैनुद्दीन खां को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। जिलाध्यक्ष ने इस संबंध में पत्र जारी किया, जिससे जिले की राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है। मैनुद्दीन खां ने कहा है कि वह अपनी बात पार्टी मुखिया मायावती के समक्ष रखेंगे।
बसपा जिलाध्यक्ष दिनेश कुमार गौतम ने बताया कि मैनुद्दीन पर कई दिनों से पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप था। वह बीते करीब दो वर्ष से बिना पार्टी की अनुमति के खुद को विधानसभा प्रत्याशी बता रहे थे। पार्टी ने उन्हें कई बार चेतावनी भी दी थी। पांच अगस्त को बसपा प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल ने गोंडा में मैनुद्दीन को फोन किया था। मैनुद्दीन ने न तो फोन उठाया और न ही दोबारा संपर्क किया, बल्कि अपना फोन बंद कर लिया। बसपा एक अनुशासित पार्टी है और ऐसी अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पार्टी के निर्देश पर यह निष्कासन कार्रवाई की गई है।
- बसपा के टिकट पर भाई भी लड़ चुका है चुनाव
मैनुद्दीन खां के निष्कासन से जिले की राजनीति गरमा गई है। उन्होंने वर्ष 2024 में बसपा के टिकट पर श्रावस्ती लोकसभा से चुनाव लड़ा था। वह 2027 के विधानसभा चुनाव की भी तैयारी में जुटे थे। उनके भाई अलीमुद्दीन खां भी वर्ष 2022 में भिनगा विधानसभा से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं।