श्रावस्ती। जिले में किसान धान बेचकर गेहूं की बोआई के लिए बेताब है। वहीं क्रय केंद्रों पर धान की खरीद काफी सुस्त है। जिले में लक्ष्य के सापेक्ष 17 दिन में करीब साढ़े नौ प्रतिशत ही धान की खरीद हो सकी है। ऐसे में किसान अपनी जरूरत को पूरा करने के लिए बिचौलियों के हाथ औने पौने दामों में उपज बेचने को विवश हैं।
जिले में शासन की ओर से 35 हजार मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। साथ ही किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए दूर न जाना पड़े, इसके लिए 37 धान क्रय केंद्र बनाए गए हैं। इनमें खाद्य एवं विपणन विभाग के पांच, पीसीएफ के 29, एचसीसीएफ के दो व पीसीआई का एक धान क्रय केंद्र शामिल है।
15 अक्तूबर से शुरू हुई धान खरीद के कार्य में तेजी लाने व निर्धारित समय पर लक्ष्य की पूर्ति के लिए डीएम टीके शिबु ने सख्त निर्देश दिए हैं। इसके बावजूद धान खरीद के कार्य में तेजी नहीं आ पा रही है। देखा जाए तो जिले में अधिकांश किसान गेहूं की बोआई के लिए खेत की जोताई कराने, उर्वरक व बीज खरीदने के लिए धान बिक्री पर ही निर्भर हैं।
मौसम अनुकूल होने के कारण किसान जल्द से जल्द अपने खेत को तैयार कर उसमें गेहूं बोने के लिए बेताब है। ऐसे में क्रय केंद्रों पर धान की खरीद की रफ्तार सुस्त होने के कारण किसान अपनी जरूरत को पूरा करने के लिए बिचौलियों के हाथ अपनी उपज औने पौने दामों पर बेचने को विवश देखे जा रहे हैं।
वहीं क्रय केंद्रों पर धान बेचने के लिए पंजीकरण कराने वाले किसान अपनी बारी का इंतजार करते देखे जा रहे हैं। देखा जाए तो जिले में 17 दिन में मात्र 3297.197 मीट्रिक टन धान की खरीद हो सकी है। जो लक्ष्य का 9.42 प्रतिशत ही है। वहीं आढ़तियों के यहां इसका कई गुना धान अब तक बेचा जा जा चुका है। इस बारे में अपर जिलाधिकारी योगानंद पांडेय ने बताया कि बीच में कई अवकाश होने के कारण ऐसा हुआ है। निर्धारित समयावधि में शत प्रतिशत धान की खरीद का लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा।