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सीमा सील, फिर महानगरों से आ रहे लोग

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श्रावस्ती में सहारनपुर से पैदल आते लोग। - फोटो : SRAWASTI
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श्रावस्ती। जिले की सीमा सोमवार से ही सीज कर दी गई है। इसके बाद भी लोगों का आना अभी जिले में रुका नहीं। यह वह लोग हैं जो पांच से छह दिन पहले गैर महानगरों से अपने घर वापसी के लिए पैदल निकले थे। वह अब धीरे-धीरे घर की ओर पहुंच रहे हैं। जिन लोगों को स्टेट हाईवे पर बनाई गई बैरीकेडिंग से घुसने नहीं दिया जा रहा है, वह हाईवे छोड़ ग्रामीण इलाके से होते हुए गांव पहुंच रहे हैं। ऐसा ही एक जत्था मंगलवार को भिनगा में देखने को मिला।
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भिनगा में राजेंद्र अपने कई साथियों के साथ छह दिन पूर्व सहारनपुर से पैदल निकला था। वहां से वह कभी हाईवे तो कभी गांव में खेतों से होता हुआ मंगलवार सुबह भिनगा पहुंचा। उसे लक्ष्मनपुर बाजार जाना था। उसने बताया कि रास्ते में उसकी कहीं भी जांच नहीं हो पाई है। इसका कारण था कि जहां जांच हो रही थी। वहां भीड़ थी। इसी लिए वह मुख्य सड़क को छोड़ कर ग्रामीण क्षेत्र से होता हुआ निकला।
गांव पहुंच कर अपनी जांच कराएगा। वहीं, इकौना के गोविंदापूर निवासी कुछ लोग हरियाणा में रहकर मेहनत मजदूरी करते थे। जो हरियाणा से सहारनपुर तक बस से आये। फिर कोई साधन नहीं मिला तो पैदल चल कर सात दिन में घर पहुंचे। बहराइच में उनकी जांच की गई।
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साधन नहीं मिला तो आठ हजार में रिक्शा खरीद तीन लोग पहुंचे घर
कोरोना वायरस के बाद हुए लॉकडाउन ने कई रिकॉर्ड तोड़े तो कई नए बना डाले। कोई मीलों पैदल चल रहा है तो कोई ऐसे साधन से कई सौ किलोमीटर पैदल चल कर आया। जिससे दो से पांच किलोमीटर जाना मुश्किल हो। इकौना के सेमगढ़ा निवासी पवन कुमार, पूरन तथा जग्गू की कहानी भी अपने आप में रोचक है। दिल्ली में यह तीनों किराए का रिक्शा लेकर चलाते थे। दिन भर रिक्शा चलाने के बाद जहां से रिक्शा किराए में लेते थे वहीं एक कोने में सो जाते थे। लॉकडाउन हुआ तो रिक्शा किराए देने वालों मालिक अपने गांव लौट जाने के बाद अपने वर्कशॉप में ताला लगा दिया। अब इनके पास एक सहारा बचा कि वह अपने गांव अपने लोगों के बीच पहुंच जाएं। लेकिन यह भी आसान नहीं था। ट्रेन व बसों का संचालन बंद था। इस पर यह तीनों एक रिक्शा किराए पर लेकर आने का मन बनाया। इसके लिए रिक्शा संचालक ने छह हजार रुपये मांगे। इस पर तीनों ने पैसा एकत्र कर आठ हजार रुपये में रिक्शा खरीद कर तीनों उसी पर बैठ कर छह दिन में अपने गांव सेमगढ़ा पहुंच गए। यह सफर उनका किसी एडवेंचर से कम नहीं था। रास्ते में कहीं उन्हें लाठियां मिलीं तो कुछ मददगारों ने लंच पैकेट व पानी दिया।
लॉकडाउन का उल्लंघन करने वालों पर पुलिस ने की कार्रवाई
श्रावस्ती। लॉकडाउन उल्लंघन पर पुलिस का सख्त रवैया देखने को मिला। मंगलवार को पुलिस ने अकेले भिनगा नगर में ही वाहनों का चालान करके पचास हजार रुपये अर्थदंड के रूप में वसूले। यही नहीं ऐसी कोई गली नहीं थी, जहां पुलिस की मौजूदगी न हो। बाजार व सड़क भी सुनसान थी। घर से वही लोग निकल रहे थे, जिन्हें वास्तव में या तो दवा की आवश्यकता थी या फिर जरूरी सामान की। इसी प्रकार जिले के अन्य थाना क्षेत्रों की स्थिति रही।
कोरोना वायरस की पहुंच अब आसपास के जनपदों तक हो गई है। बाहरी लोगों का लगातार आने का सिलसिला जारी है। इसके बाद भी कुछ लोग लॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। अभी तक कोई समूह बना कर सड़क पर बात कर रहे थे तो कोई बिना वजह ही सड़कों पर मोटर साइकिल पर फर्राटा भर रहा था। नगर में चारों तरफ कोरोना से बचाव के लिए बनाया गया सुरक्षा चक्र टूटता दिख रहा था। लेकिन इससे पहले कि कोई ऐसी सूचना लोगों को मिले, जिससे लोगों में डर व्याप्त हो, इससे पहले पुलिस ने लॉकडाउन का शत-प्रतिशत पालन कराने के लिए कवायद शुरू कर दी। मंगलवार को सुबह ईदगाह मुख्य चौराहे पर पुलिस ने वाहनों की जांच की। जो लोग बिना किसी उचित अनुमति के वाहनों से फर्राटा भर रहे थे। उनके वाहनों को चालान कर सीज किया गया। यही नहीं पुलिस ने गली मोहल्लों में घुस कर लोगों पर हल्का बल प्रयोग किया, ताकि लोग स्वेच्छा से न सही, डर से ही घरों में क्वारंटीन रहें। पुलिस की सख्ती का असर रहा कि केवल भिनगा कोतवाली क्षेत्र में ही सुबह से लेकर शाम तक पचास हजार रुपये अवैध रूप से वाहनों पर फर्राटा भरने वालों से अर्थदंड वसूल किया गया। इस बारे में प्रभारी निरीक्षक दद्दन सिंह बताते हैं कि केवल उन्हीं लोगों को घरों से बाहर निकलने की अनुमति दी जा रही है, जिन्हें दवा लेना है या फिर अन्य आवश्यक सामग्री। इसके अतिरिक्त सभी लोगों से अपील है कि वह पुलिस को सख्ती बरतने के लिए प्रेरित न करें। स्वयं सुरक्षित रहें। दूसरों को सुरक्षित रखने के लिए अपने घरों में रहें। अन्यथा की स्थिति में बल प्रयोग करते हुए अन्य विधिक कार्रवाई की जाएगी।
घुमंतू जातियां बढ़ा रहीं मुसीबत
लॉकडाउन के चलते जहां लोग अपने घरों में हैं। वहीं इकौना हाईवे व आसपास घुमंतू जातियां लोगों के लिए मुसीबत बनी हुई है। यह लोग कटरा व आसपास के क्षेत्रों में लगभग पच्चीस झ़ंड बना कर घुम रहे हैं। गांव व घरों में जाकर भीख मांग रहे हैं। इन्हें न तो कोरोना के बारे में कोई जानकारी है और न बचाव का कोई उपाय के बारे में ही जानकारी है। इन समूहों में महिलाएं व बच्चे दोनों शामिल हैं। इस बारे में उपजिलाधिकारी इकौना राजेश मिश्र बताते हैं कि कोरोना महामारी से बचाव के लिए सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देश सभी नागरिकों पर लागू होते हैं। यदि कोई इसका उल्लंघन करता पाया जाएगा तो उस पर कार्यवाही की जाएगी।
विदेश से आने वालों की दें सूचना
विदेश से आने वाले लोगों के बारे में यदि किसी को जानकारी हो तो वह इसकी सूचना जिले में स्थापित कंट्रोल रूम नंबर पर दें। इस कंट्रोल रूम में केवल 12 मार्च के बाद ही आने वालों की ही सूचनाएं ली जाएंगी। इसके लिए डीएम यशु रुस्तगी ने कंट्रोल रूम नंबर 9454417486 जारी किया है। यदि कोई व्यक्ति सूचनाएं छिपाता है तो उसके विरुद्ध कार्रवाई करने की बात कही है।
नेपाल सीमा पर चौकसी बढ़ी
नेपाल सीमा से कोई व्यक्ति अनाधिकृत रूप से आ न सके। इसके लिए सीमा पर चौकसी बढ़ा दी गई है। इसके तहत जमुनहा में एसएसबी व पुलिस ने संयुक्त रूप से गश्त किया। जहां खेतों में काम करने के लिए आने लजाने वाले लोगों को सैनिटाइजेशन व कोरोना के भयावकता के बारे में जानकारी दी गई।
लॉकडाउन तोड़ने वाले चार के विरुद्ध दर्ज हुआ मामला
लॉकडाउन का उल्लंघन करने वाले चार लोगों पर इकौना पुलिस ने मामला दर्ज किया है। सभी के ऊपर धारा 188 व 271 आईपीसी के तहत मामला दर्ज किया गया है। जबकि शांति भंग के मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया। मंगलवार दोपहर तक चेकपोस्ट व अन्य क्षेत्रों में चलाए गए अभियान के तहत 145 वाहनों की जांच की गई। इसमें से 42 वाहनों का चालान करते हुए 93600 रुपये अर्थदंड के रूप में वसूल किए गए।
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- बीसी दुबे, एएसपी
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