मौके पर लोगों की भीड़, मौजूद पुलिस।
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यूपी के श्रावस्ती में शनिवार को तीन दिन से लापता बालक का शव फंदे से लटकता मिला। खबर मिली तो परिजनों में चीख पुकार मच गई। रोते बिलखते परिजन घटना स्थल पहुंचे। सूचना पर आई पुलिस ने मौके पर जांच करके जानकारी जुटाई। सूचना पर एसपी राहुल भाटी, एएसपी चंद्रकेश सिंह, सीओ अपराध आलोक सिंह भी मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी ली।
मूल रूप से सोनवा थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत विशुनापुर के मजरा ठगरहना निवासी लवकुश मिश्रा (12) बुधवार की दोपहर बिना घर पर कुछ बताए कहीं चला गया था। शाम तक घर वापस न आने पर मां शांति देवी ने गांव व रिश्तेदारों के यहां उन्हें ढूंढा। कुछ पता न चलने पर उन्होंने थाने में तहरीर देकर बेटे को ढूंढने की गुहार लगाई। पुलिस गुमशुदगी दर्ज करके लवकुश की तलाश कर रही थी।
इसी बीच शनिवार की सुबह ग्रामीणों ने गांव के बाहर नाले के किनारे भिलोर के पेड़ की डाल से लवकुश का शव गमछे के फंदे से लटकता देखा। शव देख ग्रामीणों ने इसकी सूचना परिजनों को दी। सूचना पर सोनवा थाना प्रभारी बिशुनदेव पांडेय व गिलौला थाना प्रभारी आशीष कुमार टीम के साथ मौके पर पहुंचे। फोरेंसिक टीम ने भी जांच की।
हत्या कर शव फंदे से लटकाया
लवकुश की मां शांति देवी ने आरोप लगाया कि उनका बेटा बहुत छोटा था और इतनी कम उम्र में वो आत्महत्या नहीं कर सकता है। किसी ने बेटे की हत्या करके शव फंदे से लटका दिया है। ताकि, सभी को हत्या आत्महत्या लगे।
पहले पति और फिर बेटे को खोकर टूटी शांति
शांति देवी के पति जगराम मिश्रा की वर्ष 2015 में मार्ग दुर्घटना मौत हो गई थी। पति की मौत के बाद शांति अकेले ही छह बीघा कृषि भूमि पर खेती करके अपने छह बेटों की देखरेख करती थी। घर की आर्थिक जिम्मेदारी काफी हद तक बड़े बेटे रामजी मिश्रा (26) के कंधों पर है, जो अपनी पत्नी के साथ दिल्ली में रहकर मजदूरी करते हैं। वहीं, श्रवण कुमार (18), राम अवतार (17), पंकज मिश्रा (13), लवकुश (12) और सत्यदेव (10) घर पर रहकर मां का हाथ बंटाते थे। ऐसे में अब लवकुश की मौत के बाद शांति फिर से टूट गई हैं।
एएसपी चंद्रकेश सिंह शांति देवी की तहरीर पर बृहस्पतिवार को गुमशुदगी दर्ज की गई थी। टीम के साथ मौके पर जांच की गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।