कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन करते भाकियू कार्यकर्ता
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श्रावस्ती। लखीमपुर खीरी में हुई घटना का असर जिले में भी दिखा। किसानों की मौत से आक्रोशित भाकियू कार्यकर्ताओं ने लाठी व टोपी के साथ कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। इस दौरान उनके द्वारा राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन अपर जिलाधिकारी को सौंपा गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय गृह राज्यमंत्री व उप मुख्यमंत्री को बर्खास्त करने तथा राज्यमंत्री के पुत्र पर हत्या का मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार करने की मांग की।
अपर जिलाधिकारी कमलेश चंद्र बाजपेई को सौंपे ज्ञापन में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) अराजनैतिक के जिलाध्यक्ष राम स्वरूप वर्मा ने कहा है कि भाजपा सरकार अब दमन की राजनीति पर उतर आई है। पूरे देश में किसान बिल को लेकर आंदोलित हैं। दस माह से अधिक का समय बीत चुका है। किसान गाजीपुर व सिंधू बार्डर समेत कई स्थानों पर धरना दे रहे हैं। इसके बावजूद भारत सरकार न तो अपने तीन काले कानूनों को वापस ले रही है और न ही एमएसपी पर खरीद गारंटी कानून ही बना रही है।
25 सितंबर को केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा को लखीमपुर के किसानों द्वारा काले झंडे दिखा कर उनका विरोध किया गया था। जिस पर राज्यमंत्री ने किसानों को खुली धमकी दी थी कि ऐसा सबक सिखाएंगे कि तुम लोग उत्तर प्रदेश में नहीं रह पाओगे। किसानों ने राष्ट्रपति से हस्तक्षेप कर मृत किसानों के परिवारीजनों को एक करोड़ रुपये मुआवजा देने, उनके परिवारीजनों को सरकारी नौकरी देने तथा घायलों के समुचित इलाज की व्यवस्था करने व उन्हें प्रतिकर देने के साथ ही केंद्रीय गृह राज्यमंत्री व उप मुख्यमंत्री को तत्काल बर्खास्त करने तथा राज्यमंत्री के पुत्र पर साथियों सहित हत्या का मामला दर्ज कर उन्हें तत्काल गिरफ्तार कर जेल भेजने की मांग किया है। ज्ञापन देने वालों में विनोद कुमार शुक्ल, शिव कुमार सिंह नायक सहित काफी संख्या में भाकियू कार्यकर्ता व पदाधिकारी मौजूद रहे।