भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने शुक्रवार को बौद्ध परिपथ जाम कर दिया। यह प्रदर्शन मासिक बैठक के बाद सौंपे गए आठ सूत्री मांग पत्र की मांगें पूरी न होने से नाराजगी के कारण हुआ। लगभग आधे घंटे तक चले इस जाम से सैकड़ों वाहन फंसे रहे।
जाम की सूचना पर थाना प्रभारी आशीष कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसानों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने। बाद में एसडीएम इकौना रवींद्र कुमार के आश्वासन के बाद भाकियू पदाधिकारी प्रदर्शन समाप्त करने पर सहमत हुए। इसके बाद राहगीरों ने राहत की सांस ली। भाकियू के गिलौला ब्लॉक अध्यक्ष बाबू लाल ने बताया कि पूर्व की मासिक बैठक में बीडीओ वीरेंद्र प्रताप सिंह को आठ सूत्री मांग पत्र सौंपा गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि बीडीओ ने किसानों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया। तीन अगस्त को भी बीडीओ को मांग पत्र दिया गया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। बीडीओ वीरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि घोरमा परसिया गांव में नाली के एक मामले को लेकर किसानों ने धरना प्रदर्शन किया था। बीडीओ ने बताया कि एसडीएम भी मौके पर आए थे। उन्होंने आश्वासन दिया कि शनिवार को मौके पर जाकर जांच की जाएगी। उचित कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।
ये हैं भाकियू की मांगें
भाकियू ब्लॉक अध्यक्ष बाबूलाल ने बताया कि मांग पत्र में गरीब किसानों को दिए गए बोरिंग व पंपिंग सेट की सूची की मांग की गई है। घोरमा गांव में अधूरा पड़ा आरसीसी निर्माण कार्य पूरा करवाने, सुंदरीकरण करवाए गए तालाबों की गाटा संख्या सहित सूची, जीरामजी योजना के तहत करवाए गए कच्चे व पक्के काम की सूची, जीरामजी योजना के तहत दी गई मजदूरी की सूची, मोहरनिया गांव में समय माता मंदिर के पास से इंटरलॉकिंग, कटरा में मंदिर के पास लगे नल की मरम्मत व गोपालपुर में खराब हैंडपंप की मरम्मत की मांग शामिल है।
किसानों को ब्लॉक से संबंधित कुछ शिकायतें हैं, जिसका ज्ञापन उन्होंने दिया है। अगले दो-तीन दिनों में प्राथमिकता के आधार पर उनकी समस्या का निराकरण करवा दिया जाएगा।
रवींद्र कुमार, एसडीएम इकौना
गिलौला में बौद्ध परिपथ जाम करते भाकियू कार्यकर्ता।