श्रावस्ती। जमुनहा विकास खंड की ग्राम पंचायत बेलरी उत्तर प्रदेश की सबसे कम वोटरों वाली ग्राम पंचायत बन गई है। यहां मात्र 160 मतदाता हैं। इसी के साथ ही गंगाभागड़ भी प्रदेश में न्यूनतम वोटरों वाली पंचायत बनी है। दोनों रिकॉर्ड एक ही विकास खंड के अगल बगल की पंचायतों ने बनाया है।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में प्रदेश में ऐसी कोई भी पंचायत नहीं है। जिसमें वोटरों की संख्या एक हजार से कम हो। यही सरकार का मानक भी है। सरकारी मानक के अनुसार किसी भी पंचायत में वोटरों की संख्या एक हजार से कम नहीं हो सकती। यदि ऐसा है तो उस पंचायत का परिसीमन करके उसे किसी अन्य गांव पंचायत के साथ विलय किया जाता है। लेकिन जिले के जमुनहा विकास खंड की दो पंचायतें ऐसी हैं, जिन्होंने उत्तर प्रदेश ने अपना रिकॉर्ड कायम किया है। जमुनहा की ग्राम पंचायत बेलरी जहां इस वर्ष मात्र 160 मतदाता हैं। यह प्रदेश की सबसे कम वोटरों वाली पंचायत बन गई हैं, जबकि इसी की पड़ोसी ग्राम पंचायत गंगाभागड़ में वोटरों की संख्या मात्र 170 है। जहां के लिए प्रधान पद की निर्वाचन प्रक्रिया का पहला पड़ाव नामांकन का पार कर चुका है। (संवाद)
इन गांव पंचायतों की अपनी कहानी
गंगाभागड़ व बेलरी दोनों ग्राम पंचायत राप्ती नदी में आई बाढ़ के कारण कटान ग्रस्त हो गई थी। कटान ग्रस्त होने के कारण इन गांवों के लगभग 60 फीसदी लोग 10 वर्ष पूर्व ही बहराइच के होलिया सहित जिले के अन्य गांवों में जा बसे। धीरे-धीरे लोगों ने उसी पंचायत में अपना घर बना लिया। कई बार सूची पुनरीक्षण के दौरान शिकायतें हुईं कि ऐसे लोगों को वोटर लिस्ट से बाहर किया जाए। साथ ही पंचायतों का परिसीमन करके उन्हें अन्य पंचायतों से मिला दिया जाए। लेकिन इस वर्ष हुए मतदाता सूची पुनरीक्षण के दौरान गंगाभागड़ से लगभग 847 व बेलरी से 952 लोगों का नाम खारिज कर दिया गया। ऐसे में अब गंगाभागड़ में लगभग 170 मत व बेलरी पंचायत में मात्र 160 वोटर ही बचे हैं।
यहां हुए पलायित
बेलरी से 952 लोग बहराइच के होलिया, श्रावस्ती के सागर गांव, श्रीनगर व लालबोझा दर्वेश गांव में शिफ्ट हो चुके हैं। जबकि गंगाभागड़ के लगभग 843 लोग लालबोझा दर्वेश गांव में शिफ्ट हो गए हैं।
गंगाभागड़ व बेलरी पंचायतों के बारे में कोई भी अद्यतन आदेश शासन व आयोग की ओर से नहीं मिला है। इसलिए वहां जितने भी मतदाता हैं उन्हीं पर चुनाव कराया जा रहा है। -योगानंद पांडे अपर जिलाधिकारी