श्रावस्ती। पहले चरण के लिए रविवार नामांकन शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त हो गया। सभी विकास खंडों में प्रत्याशियों की संख्या अधिक होने के कारण नामांकन निर्धारित समय पांच बजे के बाद भी होता रहा। वहीं इस दौरान कलेक्ट्रेट में जिला पंचायत सदस्य पद के लिए नामांकन कराया। इस दौरान पूर्व सांसद द्वारा कराए गए नामांकन की चर्चा विशेष रही।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की रणभेरी जिले में बज चुकी है। पहले चरण में ही जिले में चुनाव होने के कारण रविवार को नामांकन का काम पूरा कर लिया गया। पांचों विकास खंडों में ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य व सदस्य ग्राम पंचायत के लिए नामांकन पत्र जमा किए गए। जबकि सदस्य जिला पंचायत के लिए कलेक्ट्रेट स्थित एडीएम न्यायालय पर नामांकन पत्र जमा कराया गया। नामांकन पत्र जमा कराने के दौरान कुछ स्थानों पर आरओ की ओर से समस्या खड़ी की गई। लेकिन उसे बाद में उच्चाधिकारियों द्वारा ठीक करा लिया गया। जिसके चलते नामांकन प्रक्रिया बाधित नहीं हो पाई।
नामांकन का दूसरा व अंतिम दिन होने के कारण ब्लॉकों पर सबसे अधिक भीड़ देखी गई। भीड़ का कारण था कि अधिकांश प्रत्याशी नामांकन पत्र के साथ लगने वाली धरोहर राशि को जमा कराने के लिए पेरशान रहे। इस परेशानी का कारण था कि जब से नामांकन प्रक्रिया प्रारंभ हुई। तभी से बैंकों में अवकाश था। केवल शनिवार को ही बैंक में चालान जमा हो पाए। बैंक बंद होने के कारण लोगों को नगद पैसा जमा करना पड़ा। ऐसे में ब्लॉकों पर भीड़ ज्यादा एकत्र हो गई।
गिलौला में आई ज्यादा समस्या
गिलौला में आरओ की ओर से नामांकन में कई व्यवधान डाले गए। रविवार को सुबह ही आरओ ने फरमान जारी कर दिया कि जिस नामांकन पत्र में साधन सहकारी समिति का नो ड्यूज न लगा हो। उसे न लिया जाए। जबकि आयोग की ओर से केवल ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत व जिला पंचायत की ही अदेयता देने का प्राविधान किया गया था। लेकिन अज्ञानता में कुछ लोगों द्वारा साधन सहकारी समिति व बिजली विभाग की भी अदेयता नामांकन के साथ संलग्न कर दी गई थी। नामांकन पत्र न जमा होने से नाराज लोगों ने इसकी शिकायत एडीएम से की। एडीएम के हस्तक्षेप के बाद नामांकन जमा करने की प्रक्रिया पुन: प्रारंभ हुई।
पुलिस रही सख्त, प्रत्याशी को ही कैंपस में मिला प्रवेश
नामांकन के दौरान पुलिस की व्यवस्थाएं तीन चरणों में थी। पहले चरण में लगे पुलिस कर्मियों द्वारा नामांकन स्थल से लगभग 500 मीटर दूरी पर वाहन व जुलूस को रोका जा रहा था। जबकि दूसरे चरण में सभी नामांकन स्थल के गेट पर पुलिस बल तैनात था। जहां प्रत्याशी के साथ समर्थक को नामांकन के लिए जाने की छूट दी जा रही थी। इस दौरान गेट पर ही प्रत्याशियों की तलाशी भी ली गई। ताकि वह अपने साथ तंबाकू, सिगरेट सहित अन्य आपत्ति जनक सामग्री अंदर न ले जा सके। तलाशी के दौरान अंदर पेन ले जाने पर भी रोक था।
अधिकारी रहे सतर्क, दिन भर चला दौरा
नामांकन के दौरान अधिकारी सतर्क थे। इसीलिए सुबह आठ बजे से ही कलेक्ट्रेट में एएसपी बीसी दुबे के साथ एडीएम योगानंद पांडे, डीएम व एसपी व्यवस्था जांचने पहुंचे। जबकि पूरे दिन लगभग सभी विकास खंडों में डीएम टीके शिबु व एसपी अरविंद कुमार मौर्य, एसडीएम प्रवेंद्र कुमार व एसडीएम इकौना राजेश मिश्रा मौजूद रहे।