श्रावस्ती। आदिशक्ति की नौ दिवसीय उपासना व जागृति का महापर्व शारदीय नवरात्र सोमवार को कलश स्थापना के साथ प्रारंभ हो चुका है। नवरात्र के पहले दिन मां आदिशक्ति के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की आराधना की गई। इस दौरान जिले के विभिन्न देवी मंदिरों पर मां के भक्तों की भीड़ देखने को मिली।
घरों में भी कलश स्थापना के साथ ही मां आदिशक्ति जगत जननी जगदंबा के नौ स्वरूपों की अलग अलग दिन आराधना होगी। नवरात्र के प्रथम दिन मां शैलपुत्री की पूजा हुई। इसके अलावा देवी मंदिरों में भी भक्तों की कतारें लगी रहीं। मुख्यालय भिनगा के राजर्षि काली मंदिर, सिरसिया के दुर्गा मंदिर, इकौना के मां ज्वाला मंदिर, बेचूबाबा, गिलौला के सदाशिव महादेव स्थित दुर्गामंदिर, जमुनहा के जगपतिनाथ मंदिर सहित अन्य देवी मंदिरों व काली स्थानों पर देवी भक्त पूजन-अर्चन के लिए पहुंचे।
साथ ही जिले के 372 दुर्गा पूजन स्थलों पर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ कलश पूजन व मूर्ति की स्थापना व अखंड रामायण पाठ प्रारंभ हो चुका है। भिनगा नगर सहित कई जगह पूजा पंडालों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। साथ ही रामलीला कमेटियों की ओर से भी रामलीला मंचन की तैयारियां शुरू कर दी गईं हैं।