गिलौला (श्रावस्ती)। गिलौला कस्बा वासियों को जलभराव की समस्या से निजात नहीं मिल पा रही है। कस्बे की प्रमुख गलियां हो या फिर सीएचसी जाने वाला मार्ग। सभी जगह कीचड़ व जलभराव की समस्या उत्पन्न है। जलनिकासी की व्यवस्था न होने के कारण स्थानीय लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है।
गंदगी सौ बीमारियों की जननी है। प्रशासन की ओर से स्वच्छता अपनाने, अपने घरों के आसपास पानी एकत्र न होने देने की लगातार सलाह दी जा रही है। जिसका प्रशासन स्वयं कितना अनुपालन करा पा रहा है। यह किसी से छिपा नहीं है। ब्लाक मुख्यालय गिलौला के गिलौला बाजार में ही सफाई व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त है। यहां सफाई व जलनिकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण मोहल्ले की सभी नालियां लगभग चोक हो गई है। इसके चलते घरों का गंदा पानी मार्ग पर ही एकत्र होता रहता है। यही हाल सीएचसी जाने वाले मार्ग का भी है। जहां लोगों के घरों का गंदा पानी सीएचसी मुख्य गेट पर जमा होता है। जिससे उठने वाली दुर्गंध से लोगो का सांस लेना दूभर हो रहा है। यह समस्या कोई नई नही है। काफी दिनो से लोग इससे जूझ रहे हैं।
समस्या से निजात पाने के लिए विगत वर्ष सीएचसी गेट से नहर तक नाला निर्माण के नाम पर लाखों रुपये खर्च किए गए। लेकिन निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिए जाने के कारण समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है। इतना ही नहीं स्थानीय लोगों द्वारा फेंके जाने वाले कूड़े के कारण यह समस्या और भी बढ़ गई है। ऐसे में ग्रीष्म ऋतु आगमन के साथ ही लोगों को संक्रामक रोग फैलने का खतरा भी सताने लगा है। जिस पर ध्यान न दिए जाने के कारण स्थानीय निवासियों सहित मरीज व तीमारदारों में नाराजगी देखी जा रही है। वहीं इस संबंध में सीएचसी अधीक्षक दीपक शुक्ला बताते है कि समस्या से निजात के लिये कई बार विकास विभाग को अवगत कराया जा चुका है।