श्रावस्ती। विधानसभा चुनाव संविदा कर्मियों के भरोसे है। यदि आयोग ने संविदा कर्मियों को चुनाव ड्यूटी करने से रोक दिया तो मंडलीय पूल से कर्मचारियों को लेना होगा। यही नहीं वाहन के मामले में भी जिला फिसड्डी है।
विधानसभा चुनाव के लिए कुल 4692 कर्मचारियों की आवश्यकता है। इसके सापेक्ष जिले में 8979 कर्मचारी हैं जिसमें संविदा कर्मी भी जुड़े हुए हैं। प्रशासन को आशंका यह भी है कि हो सकता है कि आयोग संविदा कर्मियों को चुनाव कार्य से विरत रखने का आदेश दे दे। ऐसी स्थिति में जिले को 1700 संविदा कर्मियों के स्थान पर नियमित कर्मचारियों की आवश्यकता होगी। जिले में इतनी संख्या न होने के कारण उन्हें मंडलीय पूल से लेना होगा। मंडल में बहराइच, गोंडा व बलरामपुर शामिल हैं, लेकिन चुनाव की तिथियां आड़े आ रही हैं।
ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है बलरामपुर के कर्मचारी ही मंडलीय पूल से आकर जिले का चुनाव संपन्न करा सकते हैं। अभाव का यही माहौल वाहनों के मामले में भी है। जिले में चुनाव संपन्न कराने के लिए 275 भारी वाहन, 77 मध्यम व 230 हल्के वाहनों की आवश्यकता है। इसके सापेक्ष केवल 40 भारी वाहन, 20 मध्यम व 422 हल्के वाहन ही उपलब्ध है। ऐसे में वाहनों के मामले में भी मंडलीय पूल से ही व्यवस्था करनी होगी।