श्रावस्ती। कोविड की आशंकित तीसरी लहर का प्रभाव बच्चों पर ही अधिक होने की संभावना है। इससे बचाव के लिए बच्चों की सेहत पर खास ध्यान देने की जरूरत है क्योंकि अभी तक बच्चों को कोविड संक्रमण से बचाने के लिए टीका लगाने का कार्य शुरू नहीं हुआ है। ऐसे में बच्चों में कोविड के अनुरूप व्यवहार की आदत डालना चाहिए। यह अपील मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. एपी भार्गव ने सभी अभिभावकों से कही है।
उन्होंने कहा कि बच्चों में बार बार हाथ धोने के साथ बिना कारण और मास्क लगाए बिना घर से बाहर न निकलने की आदत डालनी होगी। अगर घर से बाहर निकल रहे हैं तो दूसरों से दो गज की दूरी बनाए रखने के लिए भी अभिभावक बच्चों को मानसिक रूप से तैयार करें। साथ ही बच्चों को अन्य बीमारियों से बचाने के लिए समय से उनका निर्धारित टीकाकरण भी जरूर करवाएं।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी व एसीएमओ डा. मुकेश मातनहेलिया ने बताया कि बच्चों को सभी टीका समय से लगवाना चाहिए। यह टीके जिला महिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों (सीएचसी) , प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और एएनएम केन्द्रों पर नि:शुल्क लगाये जा रहे हैं। इसके तहत बीसीजी का टीका जन्म के समय या फिर जन्म के एक माह के अंदर, हेपेटाइटिस बी (बर्थ डोज) और पोलियो का टीका जन्म के समय या फिर जन्म के 24 घंटे के अंदर बच्चे को अवश्य लगवाना चाहिए।