राजर्षि काली मंदिर भिनगा में हुए कार्यक्रम में महिलाओं को जागरूक करती कर्मी। - स्रोत: विभाग
श्रावस्ती। भिनगा स्थित राजर्षि काली मंदिर में अक्षय तृतीया के अवसर पर प्रोबेशन विभाग की ओर से नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान मंदिर परिसर में उपस्थित लोगों को बाल विवाह के दुष्परिणाम की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के दौरान हब फॉर इंपावरमेंट ऑफ वूमेन की जिला मिशन समन्वयक सरिता मिश्रा ने कहा कि बाल विवाह एक सामाजिक अपराध है। कम उम्र में विवाह करने से लड़का व लड़की दोनों के सेहत पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। बाल विवाह जैसी कुरीतियों को करने वाले व उसमें शामिल होने वाले सभी लोग दोषी होते हैं। इसलिए बाल विवाह को रोकने के लिए सभी को आगे बढ़कर प्रयास करना होगा।
इस दौरान उन्होंने मंदिर में मौजूद पुरोहितों से अपील की कि जब भी वह विवाह कार्य संपन्न कराएं तो उसके पहले वह भी अपनी जिम्मेदारियों को समझते हुए वर वधू की आयु को अवश्य देखें। इससे समाज में इस कुरीति को समाप्त करने में सफलता मिलेगी। इस दौरान लोगों को बाल विवाह रोकने के लिए शपथ दिलाई गई। साथ ही पंफलेट का वितरण किया गया।
जेंडर स्पेशलिस्ट कुसुम श्रीवास्तव ने कहा कि बाल विवाह की सूचना मिलने पर हेल्पलाइन नंबर 1098 पर सूचना दें। सूचना देने वाले का नाम व पता गोपनीय रखा जाता है। इस मौके पर देहात संस्था से हंसराम, मंदिर के पुजारी राधेश्याम पाठक सहित अन्य लोग मौजूद रहे।