बिजली न होने पर संयुक्त जिला चिकित्सालय में परेशान मरीज।
श्रावस्ती। संयुक्त जिला चिकित्सालय के आपातकालीन कक्ष में विद्युत आपूर्ति बाधित होने पर मरीज व तीमारदारों को हाथ पंखे का सहारा लेना पड़ता है। वहीं निर्बाध रूप से विद्युत आपूर्ति मुहैया कराने के लिए लगा जनरेटर कभी-कभी ही चलाया जाता है।
उमस भरी गर्मी व चिलचिलाती धूप से तराई में जन जीवन बेहाल है। ऐसे में संयुक्त जिला चिकित्सालय भिनगा के आपातकालीन कक्ष में इलाज कराने के लिए आने वाले मरीजों व तीमारदारों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। कक्ष में जब तक विद्युत आपूर्ति रहती है तब तक तो पंखा चलता है, लेकिन बिजली जाने के बाद मरीजों व तीमारदारों को हाथ पंखे का सहारा लेना पड़ता है। साथ ही कक्ष में तैनात चिकित्सा कर्मियों को भी गर्मी से बेहाल होना पड़ता है।
हालांकि लोगों को गर्मी से न जूझना पड़े इसके लिए जनरेटर तो लगाया गया है, लेकिन वह विशेष परिस्थितियों में ही चलाया जाता है। वहीं बिजली न रहने पर मरीजों को नेबुलाइजर चलाने में भी समस्या होती है। ग्राम संगम पुरवा के अभिषेक मिश्रा (18) को लकवा की शिकायत है। इनके परिजनों ने बताया कि करीब आधे घंटे से बिजली नहीं है, जिससे काफी परेशानी हो रही है। इसी तरह से ग्राम कटकुईया निवासी परदेशनी (60) को सांस की बीमारी है। उन्होंने बताया कि काफी देर से बिजली नहीं है। इसलिए हाथ पंखा झलना पड़ रहा है।
विद्युत आपूर्ति बाधित होने पर जनरेटर चलाया जाता है। बार-बार बिजली कटने से कभी-कभी जनरेटर चलाने में विलंब हो सकता है। -डॉ. केडी गुप्ता, सीएमएस, संयुक्त जिला चिकित्सालय भिनगा