तपोस्थली में लगा हाईमास्ट खराब।
कटरा (श्रावस्ती)। देश व दुनिया में अपनी छाप छोड़ने वाली बुद्ध की तपोस्थली श्रावस्ती अपेक्षित है। इसके उत्थान के लिए कार्ययोजना तो बनी, लेकिन उसे अमली जामा नहीं पहनाया जा सका। इसका मलाल तपोस्थली आने वाले अनुयायियों व पर्यटकों सहित बौद्ध भिक्षुओं को भी है। उनका मानना है कि संसाधन मिले तो बुद्ध की तपोस्थली और निखरेगी।
विश्व मानचित्र में भले ही बुद्ध की तपोस्थली श्रावस्ती का नाम स्वर्ण अक्षरों में अंकित हो, लेकिन तपोस्थली का अंधेरापन छंटने का नाम नहीं ले रहा है। देखा जाए तो यहां प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में चीन, जापान, कोरिया, म्यांमार, कंबोडिया, श्रीलंका, नेपाल, थाईलैंड, वियतनाम सहित अन्य देशों से पर्यटक व अनुयायी आते रहते हैं। इसके बावजूद तपोस्थली में प्रकाश की कोई व्यवस्था नहीं है।
जेतवन मोड़ पर स्थानीय विधायक रामफेरन पांडेय की निधि से लगाए गए हाईमास्ट को नजरअंदाज कर दिया जाए तो समूची तपोस्थली में एक भी हाईमास्ट नहीं जल रहा है। यही नहीं जेतवन मोड़ से अंगुलिमाल स्तूप तक दो दर्जन से अधिक विद्युत पोल पर सोडियम लाइटें लगाई गई थीं। इनमें से एक भी लाइट नहीं जल रही है। ऐसे में शाम होते ही समूची तपोस्थली में अंधेरा छा जाता है। आसपास मौजूद झाड़ियां व टीले आदि के कारण यहां आने वाले अनुयायी व पर्यटक किसी अनहोनी की संभावना को लेकर आशंकित रहते हैं। इसके बावजूद न तो नई लाइटें लगाई जा रही हैं और न ही खराब हो चुकीं लाइटों की मरम्मत ही कराई जा रही है।
इसको लेकर पर्यटकों व अनुयायियों सहित बौद्ध भिक्षुओं व स्थानीय निवासियों में मलाल है। इस बारे में विनियमित क्षेत्र प्रभारी व एसडीएम इकौना ओम प्रकाश का कहना है कि बिजली निगम के अधिकारियों से वार्ताकर समस्या का समाधान कराया जाएगा।