कटरा (श्रावस्ती)। पुरातत्व विभाग की ओर से बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती के जेतवन परिसर में शुक्रवार को पौधरोपण किया गया। पुरातत्व प्रभारी के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कर्मियों ने जामुन, आंवला, गुलमोहर, सागौन तथा अशोक के पौधे लगाए।
पुरातत्व प्रभारी अखिलेश तिवारी ने कहा कि वृक्ष प्रकृति की वो देन है जिसका कोई विकल्प उपलब्ध नहीं है। पेड़ हमारे सबसे घनिष्ठ मित्र हैं। हमारे द्वारा लगाया गया पेड़ सिर्फ हमें ही नहीं बल्कि आने वाली कई पीढ़ियों को भी लाभ पहुंचाता है। हवा, पानी, खाने पीने की सामग्री, ईंधन, वस्त्र, जानवरों का चारा, कई कार्यों में प्रयोग करने के लिए लकड़ी हमें पेड़ों से ही मिलती है।
पेड़ पर्यावरण से कार्बन डाई ऑक्साइड लेकर ऑक्सीजन देते हैं। पेड़ों पर कई जीव-जन्तु अपना घर बनाते हैं। यदि पेड़ न हों तो हम इन सब चीजों की कल्पना तक नहीं कर सकते। वर्तमान की स्थिति देखकर ऐसा लगता है कि हम पेड़ों को बचाना तो चाहते हैं पर शायद उतना प्रयास नहीं कर पा रहे हैं जितना आवश्यक है। ऐसी परिस्थिति में धीरे धीरे प्रकृति का संतुलन बिगड़ता जाएगा। जिससे हम प्रकृति की इस अमूल्य संपदा को धीरे-धीरे लुप्त कर देंगे। इस प्रकार इस धरती पर न जीवन होगा न जीव।
इसलिए हमें चाहिये कि हम अपने आसपास जितनी भी खाली भूमि दिखाई दे वहां पौधरोपण कर इस अमूल्य धरोहर को संरक्षित करें। इस मौके पर सहायक पुरातत्व प्रभारी शैलेंद्र सिंह, सुमन त्रिवेदी, कृपाराम वर्मा, त्रिवेणी शुक्ला, रंजीत यादव, मदन यादव आदि मौजूद रहे।